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बाइनॉरल बीट्स

बाएँ और दाएँ कान में ज़रा अलग आवृत्तियाँ भेजी जाएँ तो उनके अंतर के बराबर एक धीमी धड़कन सुनाई देती है। हेडफ़ोन ज़रूरी हैं, और कोई असर होता है या नहीं इसका वैज्ञानिक आधार अब भी साफ़ नहीं है।

🔊 आवाज़ ब्राउज़र में ही बनती है। माइक का ऑडियो कभी अपलोड नहीं होता।

10Hz

बाएँ 200Hz · दाएँ 210Hz

🎧 हेडफ़ोन ज़रूरी हैं। स्पीकर पर दोनों आवाज़ें हवा में मिल जाती हैं और कोई धड़कन नहीं बनती।
धड़कन की आवृत्ति10Hz
आधार आवृत्ति200Hz
आवाज़25%

असर अब भी साफ़ नहीं है

कहा जाता है कि मस्तिष्क तरंगें धड़कन की आवृत्ति के साथ चलने लगती हैं, पर शोध के नतीजे आपस में उलझे हैं और ज़्यादातर यही कहते हैं कि असर हो भी तो बहुत कम है। ध्यान लगाने या सोने में मदद मिलती लगे तो वह शायद देर तक कोई शांत आवाज़ सुनने का ही असर हो। इसे इलाज के तौर पर मत इस्तेमाल कीजिए।

यह उपकरण क्या करता है

  • आधार आवृत्ति और अंतर बदलें
  • डेल्टा, थीटा, अल्फ़ा और बीटा प्रीसेट
  • बाएँ-दाएँ चैनल अलग
  • हेडफ़ोन ज़रूरी होने की सूचना

अन्य ध्वनि उपकरण

आवाज़ धीमी से शुरू करें — ऊँची आवृत्तियाँ और तेज़ सुर सुनने की क्षमता को नुकसान पहुँचा सकते हैं।