बाज़ी स्वास्थ्य फलादेश

चार स्तंभ ज्योतिष (बाज़ी) के पाँच तत्वों में अति और कमी पढ़कर बताता है कि शरीर का कौन-सा हिस्सा पहले थकता है।

लिंग

समय के बिना होरा-स्तंभ छोड़ दिया जाता है — बाक़ी कुंडली पर असर नहीं पड़ता।

आपका नाम इसी ब्राउज़र में रहता है। यह न पते में जाता है और न किसी सर्वर पर भेजा जाता है।

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जन्म तिथि और लिंग डालिए, तो यही एक विषय अलग से खोलकर बताया जाएगा।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. क्या यह बाज़ी फलादेश सचमुच मुफ़्त है?

हाँ। न पंजीकरण है, न लॉगिन, और भुगतान का कोई चरण ही नहीं है। पूरी कुंडली आपके ब्राउज़र में ही गिनी जाती है, और आपकी जन्म तिथि-समय तथा नाम कभी किसी सर्वर पर नहीं भेजे जाते।

Q. अगर मुझे अपना जन्म समय पता न हो तो?

तब भी कुंडली पढ़ी जा सकती है। समय खाली छोड़ दीजिए, तो वह चार के बजाय तीन स्तंभों — वर्ष, मास और दिन — से बनती है। घंटा-स्तंभ जीवनसाथी, संतान और उत्तर आयु को देखता है, इसलिए समय देने पर फलादेश उतना ही विशिष्ट हो जाता है। समय देने पर स्तंभ तय करने से पहले उसे वास्तविक सौर समय और उस दौर की डेलाइट सेविंग के अनुसार सुधारा जाता है।

Q. क्या बाज़ी कुंडली किसी रोग का निदान कर सकती है?

नहीं, और इसे कभी इस तरह इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। स्वास्थ्य फलादेश पाँच तत्वों के असंतुलन को देखता है — कौन-सा तत्व गायब है और कौन-सा अति में — और परंपरा में उनसे जुड़े अंगों का नाम लेकर बताता है कि आप कहाँ ज़ोर लगा बैठते हैं। कुछ ठीक न लगे तो डॉक्टर को दिखाइए।