स्रोत-तारे (印星) और साहित्य-तारा (文昌貴人) पढ़कर बताता है कि आपकी बाज़ी में पढ़ाई और परीक्षा कैसी चलती है।
जन्म तिथि और लिंग डालिए, तो यही एक विषय अलग से खोलकर बताया जाएगा।
हाँ। न पंजीकरण है, न लॉगिन, और भुगतान का कोई चरण ही नहीं है। पूरी कुंडली आपके ब्राउज़र में ही गिनी जाती है, और आपकी जन्म तिथि-समय तथा नाम कभी किसी सर्वर पर नहीं भेजे जाते।
तब भी कुंडली पढ़ी जा सकती है। समय खाली छोड़ दीजिए, तो वह चार के बजाय तीन स्तंभों — वर्ष, मास और दिन — से बनती है। घंटा-स्तंभ जीवनसाथी, संतान और उत्तर आयु को देखता है, इसलिए समय देने पर फलादेश उतना ही विशिष्ट हो जाता है। समय देने पर स्तंभ तय करने से पहले उसे वास्तविक सौर समय और उस दौर की डेलाइट सेविंग के अनुसार सुधारा जाता है।
स्रोत-तारे (印星) पढ़ाई की जड़ हैं। प्रत्यक्ष स्रोत (正印) धैर्य से जमा करने वाली पढ़ाई के अनुकूल है; अप्रत्यक्ष स्रोत (偏印) तेज़ी से और तिरछे ग्रहण करता है। इनके ऊपर साहित्य-तारा (文昌貴人) आता है, जो आपके दिन-स्वामी से तय होता है और लेखन, परीक्षा तथा दस्तावेज़ का शुभ तारा माना जाता है। पर परीक्षा में पास होना कुंडली नहीं, तैयारी तय करती है।