बाज़ी प्रेम फलादेश

चार स्तंभ ज्योतिष (बाज़ी) में जीवनसाथी भाव (दिन-शाखा), साथी-तारा और आड़ू-पुष्प (桃花殺) पढ़कर बताता है कि प्रेम किस राह से आप तक पहुँचता है।

लिंग

समय के बिना होरा-स्तंभ छोड़ दिया जाता है — बाक़ी कुंडली पर असर नहीं पड़ता।

आपका नाम इसी ब्राउज़र में रहता है। यह न पते में जाता है और न किसी सर्वर पर भेजा जाता है।

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जन्म तिथि और लिंग डालिए, तो यही एक विषय अलग से खोलकर बताया जाएगा।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. क्या यह बाज़ी फलादेश सचमुच मुफ़्त है?

हाँ। न पंजीकरण है, न लॉगिन, और भुगतान का कोई चरण ही नहीं है। पूरी कुंडली आपके ब्राउज़र में ही गिनी जाती है, और आपकी जन्म तिथि-समय तथा नाम कभी किसी सर्वर पर नहीं भेजे जाते।

Q. अगर मुझे अपना जन्म समय पता न हो तो?

तब भी कुंडली पढ़ी जा सकती है। समय खाली छोड़ दीजिए, तो वह चार के बजाय तीन स्तंभों — वर्ष, मास और दिन — से बनती है। घंटा-स्तंभ जीवनसाथी, संतान और उत्तर आयु को देखता है, इसलिए समय देने पर फलादेश उतना ही विशिष्ट हो जाता है। समय देने पर स्तंभ तय करने से पहले उसे वास्तविक सौर समय और उस दौर की डेलाइट सेविंग के अनुसार सुधारा जाता है।

Q. प्रेम के लिए बाज़ी कुंडली असल में क्या देखती है?

दिन-शाखा — यानी जीवनसाथी भाव — और आपका साथी-तारा। स्त्री के लिए अधिकार-तारा (官星) साथी को दर्शाता है, पुरुष के लिए धन-तारा (財星)। आड़ू-पुष्प (桃花殺) उस आकर्षण को दिखाता है जो सबसे पहले लोगों को खींचता है। यह पन्ना एक व्यक्ति का प्रेम फलादेश पढ़ता है; दो कुंडलियों को आमने-सामने मिलाकर देखना अलग गुण-मिलान फलादेश है।