चार स्तंभ ज्योतिष (बाज़ी) में जीवनसाथी भाव (दिन-शाखा), साथी-तारा और आड़ू-पुष्प (桃花殺) पढ़कर बताता है कि प्रेम किस राह से आप तक पहुँचता है।
जन्म तिथि और लिंग डालिए, तो यही एक विषय अलग से खोलकर बताया जाएगा।
हाँ। न पंजीकरण है, न लॉगिन, और भुगतान का कोई चरण ही नहीं है। पूरी कुंडली आपके ब्राउज़र में ही गिनी जाती है, और आपकी जन्म तिथि-समय तथा नाम कभी किसी सर्वर पर नहीं भेजे जाते।
तब भी कुंडली पढ़ी जा सकती है। समय खाली छोड़ दीजिए, तो वह चार के बजाय तीन स्तंभों — वर्ष, मास और दिन — से बनती है। घंटा-स्तंभ जीवनसाथी, संतान और उत्तर आयु को देखता है, इसलिए समय देने पर फलादेश उतना ही विशिष्ट हो जाता है। समय देने पर स्तंभ तय करने से पहले उसे वास्तविक सौर समय और उस दौर की डेलाइट सेविंग के अनुसार सुधारा जाता है।
दिन-शाखा — यानी जीवनसाथी भाव — और आपका साथी-तारा। स्त्री के लिए अधिकार-तारा (官星) साथी को दर्शाता है, पुरुष के लिए धन-तारा (財星)। आड़ू-पुष्प (桃花殺) उस आकर्षण को दिखाता है जो सबसे पहले लोगों को खींचता है। यह पन्ना एक व्यक्ति का प्रेम फलादेश पढ़ता है; दो कुंडलियों को आमने-सामने मिलाकर देखना अलग गुण-मिलान फलादेश है।