इटली
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वहाँ का समय
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नई दिल्ली से 4.5 घंटे पीछे
रोम, फ़्लोरेंस और वेनिस तेज़ रेल से जुड़े हैं, इसलिए इनके बीच आना-जाना आसान है। दक्षिण में गर्मी बहुत तेज़ पड़ती है, इसलिए मई-जून और सितंबर-अक्तूबर बेहतर समय हैं।
प्रवेश और वीज़ा
शेंगेन क्षेत्र का देश: ठहरने के दिन क्षेत्र के सभी देशों के साथ जोड़कर गिने जाते हैं। भारतीय पासपोर्ट पर पहले से शेंगेन वीज़ा लेना पड़ता है, और वह 180 दिनों में 90 दिन तक का होता है। बड़े रेलवे स्टेशनों के आसपास जेबकतरों की शिकायतें अक्सर आती हैं।
जानने लायक़ बात
टाइप F के साथ टाइप L (एक पंक्ति में तीन पिन) के सॉकेट भी मिलते हैं, और कुछ अडैप्टर नहीं लगते — दोनों को सँभालने वाला अडैप्टर रखें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. इटली और भारत के बीच कितने घंटे का फ़र्क़ है?
नई दिल्ली से 4.5 घंटे पीछे (UTC+1). डेलाइट सेविंग लागू.
Q. क्या इटली में मेरे उपकरण चलेंगे?
वोल्टेज 230V / 50Hz, प्लग F, L.
Q. इटली जाने के लिए वीज़ा चाहिए?
शेंगेन क्षेत्र का देश: ठहरने के दिन क्षेत्र के सभी देशों के साथ जोड़कर गिने जाते हैं। भारतीय पासपोर्ट पर पहले से शेंगेन वीज़ा लेना पड़ता है, और वह 180 दिनों में 90 दिन तक का होता है। बड़े रेलवे स्टेशनों के आसपास जेबकतरों की शिकायतें अक्सर आती हैं।
इसी क्षेत्र के देश
प्रवेश की शर्तें आपके पासपोर्ट पर निर्भर करती हैं और नीति के साथ बदलती रहती हैं, इसलिए गंतव्य देश की आधिकारिक सूचना हमेशा जाँच लें। वोल्टेज और प्लग इमारत दर इमारत बदल सकते हैं। समय का फ़र्क़ मानक समय के हिसाब से है; डेलाइट सेविंग होने पर यह किसी भी छोर पर खिसक जाता है।