परिस्थितियाँ
命在頃刻
명재경각
mìng zài qǐng kè
म्योंग-जे-ग्योंग-गाक
命
जान
在
टिकी
頃
क्षण
刻
पल
अक्षर दर अक्षर
अर्थ
जान एक ही पल पर टिकी हुई।
उद्गम
«ग्योंग-गाक» यानी सबसे छोटा क्षण; यह वाक्य शास्त्रीय कथाओं और अर्ज़ियों में बार-बार आता है।
ऐसे इस्तेमाल होता है
चिकित्सकीय आपात स्थिति के लिए, या ढहने की कगार पर खड़ी कंपनी के लिए।
हांजा命在頃刻
सरलीकृत命在顷刻
कोरियाई उच्चारण명재경각
पिनयिनmìng zài qǐng kè
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. म्योंग-जे-ग्योंग-गाक का क्या अर्थ है?
命在頃刻 · जान एक ही पल पर टिकी हुई।
Q. म्योंग-जे-ग्योंग-गाक कहाँ से आया है?
«ग्योंग-गाक» यानी सबसे छोटा क्षण; यह वाक्य शास्त्रीय कथाओं और अर्ज़ियों में बार-बार आता है।
Q. म्योंग-जे-ग्योंग-गाक का इस्तेमाल कैसे होता है?
चिकित्सकीय आपात स्थिति के लिए, या ढहने की कगार पर खड़ी कंपनी के लिए।
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四面楚歌 सा-म्योन-चो-गाचारों ओर से चू के गीत — घिरा हुआ और कहीं जाने की जगह नहीं।進退兩難 जिन-तोए-यांग-नानआगे बढ़ना कठिन और पीछे हटना भी कठिन।累卵之危 नू-रान-जी-वीअंडों की ढेरी जितना डाँवाडोल।風前燈火 पुंग-जोन-डुंग-ह्वाहवा के आगे दीये की लौ — बेहद डाँवाडोल हालत।五里霧中 ओ-री-मू-जुंगपाँच ली गहरे कोहरे के भीतर — कुछ भी समझ में न आना।雪上加霜 सोल-सांग-गा-सांगबर्फ़ पर पाला — एक मुसीबत पर दूसरी।
कोरिया में चलने वाले मुहावरों में चीनी ग्रंथों से आए और कोरिया में ही गढ़े गए, दोनों तरह के हैं। जो चीन में नहीं चलता, वह हर प्रविष्टि में बता दिया गया है।