100 Hz

बास (20–250 Hz) · G2

चलाने से पहले आवाज़ कम कर लें। शुद्ध स्वर उसी स्तर के संगीत से कहीं ज़्यादा कान पर पड़ता है।

10 ms

आम मान

खोज और परीक्षण में अक्सर आने वाला मान।

तरंगदैर्ध्य3.43 m
आवर्तकाल10 ms
सबसे नज़दीकी स्वरG2
अंतर+35 सेंट
सुनाई देता हैहाँ
हार्मोनिक200 Hz · 300 Hz · 400 Hz
एक ऑक्टेव नीचे50 Hz
एक ऑक्टेव ऊपर200 Hz

कैसे पढ़ें

  • हर्ट्ज़ बताता है कि हवा एक सेकंड में कितनी बार कंपित होती है। संख्या जितनी बड़ी, आवाज़ उतनी ऊँची।
  • तरंगदैर्ध्य ध्वनि की गति (20 °C पर 343 मी/से) को फ़्रीक्वेंसी से भाग देने पर मिलती है: 20 Hz सत्रह मीटर लंबी और 20 kHz दो सेंटीमीटर से भी कम।
  • इंसान करीब 20 Hz से 20 kHz तक सुनता है, पर ऊपरी सीमा उम्र के साथ गिरती है। 15 kHz के बाद किसी को सुनाई देता है, किसी को नहीं।
  • कुछ सुनाई न देने का मतलब उपकरण खराब होना नहीं है। छोटे स्पीकर नीचे के स्वर नहीं बना पाते, और ऊपर के स्वरों में कान पहले हार मानता है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. 100 Hz कैसी ध्वनि है?

यह एक शुद्ध स्वर है जो एक सेकंड में 100 बार कंपित होता है। यह सुनने की सीमा के भीतर है, और सबसे नज़दीकी स्वर G2 है।

Q. 100 Hz की तरंगदैर्ध्य कितनी है?

हवा में 3.43 m। 20 °C हवा में ध्वनि एक सेकंड में 343 मीटर चलती है, इसलिए तरंगदैर्ध्य वही दूरी 100 से भाग देने पर मिलती है।

Q. 100 Hz कौन सा स्वर है?

सबसे नज़दीकी स्वर G2 है, और यह उससे 35 सेंट ऊपर है। एक सेमीटोन 100 सेंट का होता है, यानी अंतर करीब एक सेमीटोन का 35% है।

Q. 100 Hz सुनाई नहीं दे रहा — क्या कोई गड़बड़ है?

यह बैंड ज़्यादातर उपकरणों और कानों के लिए आसान है, इसलिए पहले आवाज़ और आउटपुट डिवाइस जाँचें।

Q. 100 Hz के हार्मोनिक क्या हैं?

पूर्णांक गुणज: 200 Hz, 300 Hz, 400 Hz। एक ऑक्टेव ऊपर दोगुना 200 Hz, और एक ऑक्टेव नीचे आधा 50 Hz होता है।

नज़दीकी फ़्रीक्वेंसी

हर ऑक्टेव पर फ़्रीक्वेंसी दोगुनी होती है, इसलिए नज़दीकी अंतर से नहीं, अनुपात से नापी जाती है।