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113 फ़्रीक्वेंसी सुनें

20Hz से 24kHz तक — फ़्रीक्वेंसी चुनें और तुरंत सुनें, साथ में तरंगदैर्ध्य, आवर्तकाल और सबसे नज़दीकी संगीत स्वर की गणना भी।

चलाने से पहले आवाज़ कम कर लें। शुद्ध स्वर उसी स्तर के संगीत से कहीं ज़्यादा कान पर पड़ता है।

इन्फ़्रासाउंड (20 Hz से नीचे)3

बास (20–250 Hz)27

मिडरेंज (250 Hz–4 kHz)50

ट्रेबल (4–20 kHz)29

अल्ट्रासाउंड (20 kHz से ऊपर)4

कैसे पढ़ें

  • हर्ट्ज़ बताता है कि हवा एक सेकंड में कितनी बार कंपित होती है। संख्या जितनी बड़ी, आवाज़ उतनी ऊँची।
  • तरंगदैर्ध्य ध्वनि की गति (20 °C पर 343 मी/से) को फ़्रीक्वेंसी से भाग देने पर मिलती है: 20 Hz सत्रह मीटर लंबी और 20 kHz दो सेंटीमीटर से भी कम।
  • इंसान करीब 20 Hz से 20 kHz तक सुनता है, पर ऊपरी सीमा उम्र के साथ गिरती है। 15 kHz के बाद किसी को सुनाई देता है, किसी को नहीं।
  • कुछ सुनाई न देने का मतलब उपकरण खराब होना नहीं है। छोटे स्पीकर नीचे के स्वर नहीं बना पाते, और ऊपर के स्वरों में कान पहले हार मानता है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. इंसान कितनी फ़्रीक्वेंसी तक सुन सकता है?

मोटे तौर पर 20 Hz से 20 kHz तक। ऊपरी सीमा उम्र के साथ गिरती है: बीस की उम्र में जिसे 18 kHz सुनाई देता था, चालीस तक अक्सर 14 kHz के आसपास रुक जाता है। नीचे की ओर 20 Hz कानों से कम और शरीर से ज़्यादा महसूस होता है।

Q. कुछ सुनाई नहीं दे रहा — क्या स्पीकर खराब है?

शायद नहीं। लैपटॉप या फ़ोन के छोटे स्पीकर 100 Hz से नीचे लगभग कुछ नहीं देते, और 15 kHz से ऊपर उपकरण नहीं, कान पहले हार मानते हैं। हेडफ़ोन से जाँचने पर आमतौर पर साफ़ हो जाता है।

Q. क्या शुद्ध स्वर देर तक सुनना ठीक है?

आवाज़ कम रखें और थोड़ी देर ही सुनें। शुद्ध स्वर की पूरी ऊर्जा एक ही फ़्रीक्वेंसी पर टिकी होती है, इसलिए वह उसी स्तर के संगीत से ज़्यादा दबाव डालता है। बाद में कान भारी लगें या घंटी बजे तो रोक दें।

Q. 440 Hz और 432 Hz में क्या फ़र्क है?

दोनों ही "ला" स्वर हैं, पर 432 Hz, 440 Hz से 32 सेंट नीचे बैठता है — करीब एक तिहाई सेमीटोन, जो साथ-साथ सुनने पर पकड़ में आता है। अंतरराष्ट्रीय मानक 440 Hz है, और 432 Hz के बेहतर होने का कोई प्रमाण नहीं।

Q. ये आँकड़े कैसे निकाले गए?

सिर्फ़ फ़्रीक्वेंसी दर्ज है। तरंगदैर्ध्य 20 °C हवा में ध्वनि की गति 343 मी/से को फ़्रीक्वेंसी से भाग देकर मिलती है; स्वर का नाम 440 Hz को A4 मानकर और इस तथ्य से निकलता है कि एक सेमीटोन दो का बारहवाँ मूल है।