116.54 Hz

बास (20–250 Hz) · A#2

चलाने से पहले आवाज़ कम कर लें। शुद्ध स्वर उसी स्तर के संगीत से कहीं ज़्यादा कान पर पड़ता है।

8.58 ms

संगीत स्वर

कीबोर्ड पर जिसका अपना नाम है, ऐसा स्वर।

तरंगदैर्ध्य2.94 m
आवर्तकाल8.58 ms
सबसे नज़दीकी स्वरA#2
अंतरसटीक
सुनाई देता हैहाँ
हार्मोनिक233.08 Hz · 349.62 Hz · 466.16 Hz
एक ऑक्टेव नीचे58.27 Hz
एक ऑक्टेव ऊपर233.08 Hz

कैसे पढ़ें

  • हर्ट्ज़ बताता है कि हवा एक सेकंड में कितनी बार कंपित होती है। संख्या जितनी बड़ी, आवाज़ उतनी ऊँची।
  • तरंगदैर्ध्य ध्वनि की गति (20 °C पर 343 मी/से) को फ़्रीक्वेंसी से भाग देने पर मिलती है: 20 Hz सत्रह मीटर लंबी और 20 kHz दो सेंटीमीटर से भी कम।
  • इंसान करीब 20 Hz से 20 kHz तक सुनता है, पर ऊपरी सीमा उम्र के साथ गिरती है। 15 kHz के बाद किसी को सुनाई देता है, किसी को नहीं।
  • कुछ सुनाई न देने का मतलब उपकरण खराब होना नहीं है। छोटे स्पीकर नीचे के स्वर नहीं बना पाते, और ऊपर के स्वरों में कान पहले हार मानता है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. 116.54 Hz कैसी ध्वनि है?

यह एक शुद्ध स्वर है जो एक सेकंड में 116.54 बार कंपित होता है। यह सुनने की सीमा के भीतर है, और सबसे नज़दीकी स्वर A#2 है।

Q. 116.54 Hz की तरंगदैर्ध्य कितनी है?

हवा में 2.94 m। 20 °C हवा में ध्वनि एक सेकंड में 343 मीटर चलती है, इसलिए तरंगदैर्ध्य वही दूरी 116.54 से भाग देने पर मिलती है।

Q. 116.54 Hz कौन सा स्वर है?

सबसे नज़दीकी स्वर A#2 है, और यह लगभग ठीक वही स्वर है।

Q. 116.54 Hz सुनाई नहीं दे रहा — क्या कोई गड़बड़ है?

यह बैंड ज़्यादातर उपकरणों और कानों के लिए आसान है, इसलिए पहले आवाज़ और आउटपुट डिवाइस जाँचें।

Q. 116.54 Hz के हार्मोनिक क्या हैं?

पूर्णांक गुणज: 233.08 Hz, 349.62 Hz, 466.16 Hz। एक ऑक्टेव ऊपर दोगुना 233.08 Hz, और एक ऑक्टेव नीचे आधा 58.27 Hz होता है।

नज़दीकी फ़्रीक्वेंसी

हर ऑक्टेव पर फ़्रीक्वेंसी दोगुनी होती है, इसलिए नज़दीकी अंतर से नहीं, अनुपात से नापी जाती है।