आमदनी पर किस्त का बोझ
मासिक किस्त को महीने की शुद्ध आमदनी से भाग दें। कर-पूर्व आमदनी से भाग देने पर हालत असल से ज़्यादा आरामदेह दिखती है, इसलिए जो पैसा सचमुच आता है उसी से भाग दें।
आपके अंक
प्रतिशत
30%
बाक़ी
210
सूत्र
प्रतिशत = मासिक किस्त (EMI) ÷ शुद्ध रक़म × 100
ऋणदाता जहाँ रेखा खींचते हैं, वह देश और संस्था के हिसाब से बदलती है। यहाँ अनुपात मिलता है; ऋण मिलेगा या नहीं, यह उनके नियम तय करते हैं।
क्या लिखना है
| इनपुट | डिफ़ॉल्ट | स्वीकार्य दायरा |
|---|---|---|
| शुद्ध रक़मकरों के बाद आपके खाते में जो आता है। | 300 | 0 या ज़्यादा |
| मासिक किस्त (EMI)हर महीने आपको जितना देना है। | 90 | 0 या ज़्यादा |
चरण दर चरण
मान के हिसाब से परिणाम
बाक़ी सब वैसा ही रखकर सिर्फ़ शुद्ध रक़म बदलने पर के परिणाम।
| शुद्ध रक़म | प्रतिशत (%) | बाक़ी |
|---|---|---|
| 150 | 60 | 60 |
| 225 | 40 | 135 |
| 300 | 30 | 210 |
| 450 | 20 | 360 |
| 600 | 15 | 510 |
हर परिणाम का मतलब
| परिणाम | डिफ़ॉल्ट मान पर |
|---|---|
| प्रतिशत (%)100 के पैमाने पर बताया गया हिस्सा। | 30 |
| बाक़ीअभी कितना बाक़ी है; शून्य यानी लक्ष्य पूरा। | 210 |
आम ग़लतियाँ
ऋणदाता जहाँ रेखा खींचते हैं, वह देश और संस्था के हिसाब से बदलती है। यहाँ अनुपात मिलता है; ऋण मिलेगा या नहीं, यह उनके नियम तय करते हैं।
शब्दावली
- शुद्ध रक़म
- करों के बाद आपके खाते में जो आता है।
- मासिक किस्त (EMI)
- हर महीने आपको जितना देना है।
- प्रतिशत
- 100 के पैमाने पर बताया गया हिस्सा।
- बाक़ी
- अभी कितना बाक़ी है; शून्य यानी लक्ष्य पूरा।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. आमदनी पर किस्त का बोझ कैसे निकाला जाता है?
प्रतिशत = मासिक किस्त (EMI) ÷ शुद्ध रक़म × 100 — मासिक किस्त को महीने की शुद्ध आमदनी से भाग दें। कर-पूर्व आमदनी से भाग देने पर हालत असल से ज़्यादा आरामदेह दिखती है, इसलिए जो पैसा सचमुच आता है उसी से भाग दें।
Q. एक उदाहरण से समझाइए।
शुद्ध रक़म 300, मासिक किस्त (EMI) 90 पर उत्तर प्रतिशत 30% है।
Q. क्या-क्या लिखना है?
शुद्ध रक़म, मासिक किस्त (EMI) लिखें। लिखते ही गणना दोबारा हो जाती है, और ख़ाली खाना शून्य माना जाता है।
Q. कोई अंक बदलूँ तो परिणाम कितना हिलता है?
सिर्फ़ शुद्ध रक़म बदलने पर परिणाम शुद्ध रक़म 150 → प्रतिशत (%) 60 और शुद्ध रक़म 600 → प्रतिशत (%) 15 हो जाता है। नीचे की सारणी में पाँच चरण दिए हैं।
Q. अंक कहाँ तक गोल किए जाते हैं?
रक़म पूरी इकाई तक, प्रतिशत एक दशमलव तक और बाक़ी दो दशमलव तक दिखाए जाते हैं। दिखने वाला अंक गोल किया हुआ है; गणना बिना गोल किए मान से आगे बढ़ती है।
Q. किस बात का ध्यान रखें?
ऋणदाता जहाँ रेखा खींचते हैं, वह देश और संस्था के हिसाब से बदलती है। यहाँ अनुपात मिलता है; ऋण मिलेगा या नहीं, यह उनके नियम तय करते हैं।
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