हर भोजन की कैलोरी
दिन के लक्ष्य को भोजनों की संख्या से भाग दें। प्रोटीन का आँकड़ा मानता है कि पाँचवाँ हिस्सा कैलोरी प्रोटीन से आती है और 4 किलो-कैलोरी प्रति ग्राम से वापस बदलता है।
आपके अंक
भोजन की कैलोरी
667kcal
हर भोजन में प्रोटीन
33.3g
सूत्र
भोजन की कैलोरी = कैलोरी ÷ रोज़ के भोजन
नाश्तों को गिनती से बाहर रखेंगे तो योजना से ज़्यादा खा लेंगे। जब-जब सचमुच खाते हैं, उसे गिनें।
क्या लिखना है
| इनपुट | डिफ़ॉल्ट | स्वीकार्य दायरा |
|---|---|---|
| कैलोरी (kcal)ऊर्जा, किलोकैलोरी में। | 2,000 | 0 या ज़्यादा |
| रोज़ के भोजन (×) | 3 | 0 या ज़्यादा |
चरण दर चरण
मान के हिसाब से परिणाम
बाक़ी सब वैसा ही रखकर सिर्फ़ कैलोरी (kcal) बदलने पर के परिणाम।
| कैलोरी (kcal) | भोजन की कैलोरी (kcal) | हर भोजन में प्रोटीन (g) |
|---|---|---|
| 1,000 | 333 | 16.7 |
| 1,500 | 500 | 25 |
| 2,000 | 667 | 33.3 |
| 3,000 | 1,000 | 50 |
| 4,000 | 1,333 | 66.7 |
हर परिणाम का मतलब
| परिणाम | डिफ़ॉल्ट मान पर |
|---|---|
| भोजन की कैलोरी (kcal) | 667 |
| हर भोजन में प्रोटीन (g) | 33.3 |
आम ग़लतियाँ
नाश्तों को गिनती से बाहर रखेंगे तो योजना से ज़्यादा खा लेंगे। जब-जब सचमुच खाते हैं, उसे गिनें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. हर भोजन की कैलोरी कैसे निकाला जाता है?
भोजन की कैलोरी = कैलोरी ÷ रोज़ के भोजन — दिन के लक्ष्य को भोजनों की संख्या से भाग दें। प्रोटीन का आँकड़ा मानता है कि पाँचवाँ हिस्सा कैलोरी प्रोटीन से आती है और 4 किलो-कैलोरी प्रति ग्राम से वापस बदलता है।
Q. एक उदाहरण से समझाइए।
कैलोरी 2,000kcal, रोज़ के भोजन 3× पर उत्तर भोजन की कैलोरी 667kcal है।
Q. क्या-क्या लिखना है?
कैलोरी, रोज़ के भोजन लिखें। लिखते ही गणना दोबारा हो जाती है, और ख़ाली खाना शून्य माना जाता है।
Q. कोई अंक बदलूँ तो परिणाम कितना हिलता है?
सिर्फ़ कैलोरी (kcal) बदलने पर परिणाम कैलोरी (kcal) 1,000 → भोजन की कैलोरी (kcal) 333 और कैलोरी (kcal) 4,000 → भोजन की कैलोरी (kcal) 1,333 हो जाता है। नीचे की सारणी में पाँच चरण दिए हैं।
Q. अंक कहाँ तक गोल किए जाते हैं?
रक़म पूरी इकाई तक, प्रतिशत एक दशमलव तक और बाक़ी दो दशमलव तक दिखाए जाते हैं। दिखने वाला अंक गोल किया हुआ है; गणना बिना गोल किए मान से आगे बढ़ती है।
Q. किस बात का ध्यान रखें?
नाश्तों को गिनती से बाहर रखेंगे तो योजना से ज़्यादा खा लेंगे। जब-जब सचमुच खाते हैं, उसे गिनें।
साथ काम आने वाले कैलकुलेटर
ये कैलकुलेटर सेहत के आँकड़े समझने में मदद करते हैं; ये निदान या दवा की जगह नहीं लेते। लक्षण हों तो डॉक्टर को दिखाएँ।