गैदर (चुन्नट) कैलकुलेटर
गैदर अनुपात बताता है कि तैयार लंबाई का कितना गुना कपड़ा काटकर सिकोड़ना है। 60 सेमी की जगह पर दो गुना यानी 120 सेमी काटकर 60 पर लाना, तो 60 सेमी चुन्नटों में चला जाता है। महीन कपड़े 2.5–3 गुना लेते हैं, भारी कपड़े 1.5 गुना पर रुक जाते हैं — वही अनुपात कपड़े के हिसाब से बिलकुल अलग घेर देता है।
आपके अंक
ज़रूरी कपड़े की लंबाई
120सेमी
और ख़रीदना है
60सेमी
सूत्र
ज़रूरी कपड़े की लंबाई = तैयार लंबाई (नाप) × गैदर अनुपात
अनुपात काटने से पहले तय करें: गैदर का धागा खींचकर लंबाई बाद में नहीं बढ़ाई जा सकती। रफ़ल और फ़्रिल का हिसाब भी यही है, पर उनमें आमतौर पर दो गुना या उससे ज़्यादा लिया जाता है।
क्या लिखना है
| इनपुट | डिफ़ॉल्ट | स्वीकार्य दायरा |
|---|---|---|
| तैयार लंबाई (नाप) (सेमी)तैयार होने पर लंबाई। | 60 | 1 या ज़्यादा |
| गैदर अनुपात (×)तैयार लंबाई का कितना गुना काटना है; दो गुना पर भरी चुन्नट बनती है। | 2 | 1 ~ 5 |
चरण दर चरण
मान के हिसाब से परिणाम
बाक़ी सब वैसा ही रखकर सिर्फ़ तैयार लंबाई (नाप) (सेमी) बदलने पर के परिणाम।
| तैयार लंबाई (नाप) (सेमी) | ज़रूरी कपड़े की लंबाई (सेमी) | और ख़रीदना है (सेमी) |
|---|---|---|
| 30 | 60 | 30 |
| 45 | 90 | 45 |
| 60 | 120 | 60 |
| 90 | 180 | 90 |
| 120 | 240 | 120 |
हर परिणाम का मतलब
| परिणाम | डिफ़ॉल्ट मान पर |
|---|---|
| ज़रूरी कपड़े की लंबाई (सेमी)ख़रीदने वाले कपड़े की लंबाई, चौड़ाई के आर-पार नहीं बल्कि ताने की दिशा में। | 120 |
| और ख़रीदना है (सेमी)सिकुड़न से कम न पड़े, इसके लिए अतिरिक्त ख़रीदा जाने वाला कपड़ा। | 60 |
आम ग़लतियाँ
अनुपात काटने से पहले तय करें: गैदर का धागा खींचकर लंबाई बाद में नहीं बढ़ाई जा सकती। रफ़ल और फ़्रिल का हिसाब भी यही है, पर उनमें आमतौर पर दो गुना या उससे ज़्यादा लिया जाता है।
शब्दावली
- तैयार लंबाई (नाप)
- तैयार होने पर लंबाई।
- गैदर अनुपात
- तैयार लंबाई का कितना गुना काटना है; दो गुना पर भरी चुन्नट बनती है।
- ज़रूरी कपड़े की लंबाई
- ख़रीदने वाले कपड़े की लंबाई, चौड़ाई के आर-पार नहीं बल्कि ताने की दिशा में।
- और ख़रीदना है
- सिकुड़न से कम न पड़े, इसके लिए अतिरिक्त ख़रीदा जाने वाला कपड़ा।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. गैदर (चुन्नट) कैलकुलेटर कैसे निकाला जाता है?
ज़रूरी कपड़े की लंबाई = तैयार लंबाई (नाप) × गैदर अनुपात — गैदर अनुपात बताता है कि तैयार लंबाई का कितना गुना कपड़ा काटकर सिकोड़ना है। 60 सेमी की जगह पर दो गुना यानी 120 सेमी काटकर 60 पर लाना, तो 60 सेमी चुन्नटों में चला जाता है। महीन कपड़े 2.5–3 गुना लेते हैं, भारी कपड़े 1.5 गुना पर रुक जाते हैं — वही अनुपात कपड़े के हिसाब से बिलकुल अलग घेर देता है।
Q. एक उदाहरण से समझाइए।
तैयार लंबाई (नाप) 60सेमी, गैदर अनुपात 2× पर उत्तर ज़रूरी कपड़े की लंबाई 120सेमी है।
Q. क्या-क्या लिखना है?
तैयार लंबाई (नाप), गैदर अनुपात लिखें। लिखते ही गणना दोबारा हो जाती है, और ख़ाली खाना शून्य माना जाता है।
Q. कोई अंक बदलूँ तो परिणाम कितना हिलता है?
सिर्फ़ तैयार लंबाई (नाप) (सेमी) बदलने पर परिणाम तैयार लंबाई (नाप) (सेमी) 30 → ज़रूरी कपड़े की लंबाई (सेमी) 60 और तैयार लंबाई (नाप) (सेमी) 120 → ज़रूरी कपड़े की लंबाई (सेमी) 240 हो जाता है। नीचे की सारणी में पाँच चरण दिए हैं।
Q. अंक कहाँ तक गोल किए जाते हैं?
रक़म पूरी इकाई तक, प्रतिशत एक दशमलव तक और बाक़ी दो दशमलव तक दिखाए जाते हैं। दिखने वाला अंक गोल किया हुआ है; गणना बिना गोल किए मान से आगे बढ़ती है।
Q. किस बात का ध्यान रखें?
अनुपात काटने से पहले तय करें: गैदर का धागा खींचकर लंबाई बाद में नहीं बढ़ाई जा सकती। रफ़ल और फ़्रिल का हिसाब भी यही है, पर उनमें आमतौर पर दो गुना या उससे ज़्यादा लिया जाता है।
साथ काम आने वाले कैलकुलेटर
हर सामग्री का घनत्व और सोख अलग है। लेबल पर आंकड़ा हो तो वही डालिए — यहाँ के डिफ़ॉल्ट सिर्फ़ आम मान हैं।