दूसरी बार डालने वाला मोम
सोया जमते समय बत्ती के आसपास बैठ जाता है और सतह पर गड्ढा छोड़ता है। 180 ग्राम की पहली भराई पर 10% सिकुड़न का मतलब है 18 ग्राम और भरना, इसलिए शुरू से 198 ग्राम पिघलाएँ। सिकुड़न मोम, बर्तन और ठंडा होने की रफ़्तार से तय होती है — वही मोम काँच में और टिन में अलग बरतता है।
आपके अंक
दूसरी भराई
18g
ज़रूरी मोम
198g
सूत्र
दूसरी भराई = पहली भराई × सिकुड़न ÷ 100
दूसरी भराई पहली परत जम जाने के बाद करें और उसे पहली से 5–10 °C ठंडा डालें। गरम मोम नीचे की परत को दोबारा पिघला देता है और वह फिर बैठ जाती है। बचे मोम को बर्तन में रखकर दोबारा गरम करने से ख़ुशबू उड़ जाती है, इसलिए दूसरी भराई का हिस्सा अलग निकालकर रखना बेहतर है।
क्या लिखना है
| इनपुट | डिफ़ॉल्ट | स्वीकार्य दायरा |
|---|---|---|
| पहली भराई (g)पहली बार डाला गया मोम, बैठी जगह भरने से पहले की मात्रा। | 180 | 1 या ज़्यादा |
| सिकुड़न (%)कितना सिकुड़ा; काटने से पहले धो लेने पर यह हिस्सा पहले ही निकल जाता है। | 10 | 0 ~ 30 |
चरण दर चरण
मान के हिसाब से परिणाम
बाक़ी सब वैसा ही रखकर सिर्फ़ पहली भराई (g) बदलने पर के परिणाम।
| पहली भराई (g) | दूसरी भराई (g) | ज़रूरी मोम (g) |
|---|---|---|
| 90 | 9 | 99 |
| 135 | 13.5 | 149 |
| 180 | 18 | 198 |
| 270 | 27 | 297 |
| 360 | 36 | 396 |
हर परिणाम का मतलब
| परिणाम | डिफ़ॉल्ट मान पर |
|---|---|
| दूसरी भराई (g)जमी सतह पर, जहाँ मोम बैठ गया, उसे भरने के लिए और डाला जाने वाला वज़न। | 18 |
| ज़रूरी मोम (g)पिघलाने वाले मोम का वज़न। | 198 |
आम ग़लतियाँ
दूसरी भराई पहली परत जम जाने के बाद करें और उसे पहली से 5–10 °C ठंडा डालें। गरम मोम नीचे की परत को दोबारा पिघला देता है और वह फिर बैठ जाती है। बचे मोम को बर्तन में रखकर दोबारा गरम करने से ख़ुशबू उड़ जाती है, इसलिए दूसरी भराई का हिस्सा अलग निकालकर रखना बेहतर है।
शब्दावली
- पहली भराई
- पहली बार डाला गया मोम, बैठी जगह भरने से पहले की मात्रा।
- सिकुड़न
- कितना सिकुड़ा; काटने से पहले धो लेने पर यह हिस्सा पहले ही निकल जाता है।
- दूसरी भराई
- जमी सतह पर, जहाँ मोम बैठ गया, उसे भरने के लिए और डाला जाने वाला वज़न।
- ज़रूरी मोम
- पिघलाने वाले मोम का वज़न।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. दूसरी बार डालने वाला मोम कैसे निकाला जाता है?
दूसरी भराई = पहली भराई × सिकुड़न ÷ 100 — सोया जमते समय बत्ती के आसपास बैठ जाता है और सतह पर गड्ढा छोड़ता है। 180 ग्राम की पहली भराई पर 10% सिकुड़न का मतलब है 18 ग्राम और भरना, इसलिए शुरू से 198 ग्राम पिघलाएँ। सिकुड़न मोम, बर्तन और ठंडा होने की रफ़्तार से तय होती है — वही मोम काँच में और टिन में अलग बरतता है।
Q. एक उदाहरण से समझाइए।
पहली भराई 180g, सिकुड़न 10% पर उत्तर दूसरी भराई 18g है।
Q. क्या-क्या लिखना है?
पहली भराई, सिकुड़न लिखें। लिखते ही गणना दोबारा हो जाती है, और ख़ाली खाना शून्य माना जाता है।
Q. कोई अंक बदलूँ तो परिणाम कितना हिलता है?
सिर्फ़ पहली भराई (g) बदलने पर परिणाम पहली भराई (g) 90 → दूसरी भराई (g) 9 और पहली भराई (g) 360 → दूसरी भराई (g) 36 हो जाता है। नीचे की सारणी में पाँच चरण दिए हैं।
Q. अंक कहाँ तक गोल किए जाते हैं?
रक़म पूरी इकाई तक, प्रतिशत एक दशमलव तक और बाक़ी दो दशमलव तक दिखाए जाते हैं। दिखने वाला अंक गोल किया हुआ है; गणना बिना गोल किए मान से आगे बढ़ती है।
Q. किस बात का ध्यान रखें?
दूसरी भराई पहली परत जम जाने के बाद करें और उसे पहली से 5–10 °C ठंडा डालें। गरम मोम नीचे की परत को दोबारा पिघला देता है और वह फिर बैठ जाती है। बचे मोम को बर्तन में रखकर दोबारा गरम करने से ख़ुशबू उड़ जाती है, इसलिए दूसरी भराई का हिस्सा अलग निकालकर रखना बेहतर है।
साथ काम आने वाले कैलकुलेटर
हर सामग्री का घनत्व और सोख अलग है। लेबल पर आंकड़ा हो तो वही डालिए — यहाँ के डिफ़ॉल्ट सिर्फ़ आम मान हैं।