पैंट की फ़्लाई और ज़िप की लंबाई
26 सेमी के आगे के राइज़ (फ़्रंट राइज़) से 3.5 सेमी वेस्टबैंड घटाने पर बैंड के नीचे 22.5 सेमी बचते हैं। फ़्लाई उसका ऊपरी 70%, यानी 15.8 सेमी लेती है, क्योंकि नीचे का 30% क्रॉच का कर्व है जहाँ से खुलाव नहीं जा सकता। बाज़ारू नाप 10 · 12 · 15 · 18 · 20 · 23 · 25 सेमी हैं, इसलिए सबसे नज़दीक 15 सेमी ली जाती है — टॉपस्टिचिंग ज़िप के हिसाब से की जाती है, तो बिलकुल सही नाप ज़रूरी नहीं।
आपके अंक
फ़्लाई की लंबाई
15.8सेमी
ज़िप का नाप
15सेमी
सूत्र
फ़्लाई की लंबाई = (आगे का राइज़ − बैंड की तैयार चौड़ाई) × राइज़ में फ़्लाई का हिस्सा ÷ 100
आगे का राइज़ सेंटर फ़्रंट पर कमर की सीवन से क्रॉच पॉइंट तक नापें, और उसे पीछे के राइज़ से न मिलाएँ, जो लंबा होता है। हिस्सा कपड़े के हिसाब से बदलता है: जीन्स और लो-राइज़ में 65–70%, हाई वेस्ट स्लैक्स में 55–60%, वरना खुलाव नाभि से ऊपर तक पहुँच जाता है। ज़िप हिसाब से लंबी हो तो कॉइल ज़िप नीचे से काटकर हाथ के टाँके से नया स्टॉप बनाया जा सकता है, पर धातु या विसलॉन ज़िप के दाँत काटने पर स्लाइडर निकल जाता है। खुलाव का निचला सिरा हमेशा बैक-स्टिच या बार-टैक से बंद करें — बैठते समय पूरा ज़ोर उसी एक बिंदु पर पड़ता है।
क्या लिखना है
| इनपुट | डिफ़ॉल्ट | स्वीकार्य दायरा |
|---|---|---|
| आगे का राइज़ (सेमी)आगे की मध्य-रेखा के साथ कमर से क्रॉच पॉइंट तक की लंबाई; इसे पीछे के राइज़ से न मिलाएँ। | 26 | 5 या ज़्यादा |
| बैंड की तैयार चौड़ाई (सेमी)बैंड की तैयार चौड़ाई; वह मोड़कर दोहरा लगता है, इसलिए कटाई इसकी दुगनी होती है। | 3.5 | 0 या ज़्यादा |
| राइज़ में फ़्लाई का हिस्सा (%)बैंड के नीचे के राइज़ में खुलने वाले हिस्से का अनुपात; उसके नीचे का बाक़ी हिस्सा क्रॉच का घुमाव है। | 70 | 10 ~ 100 |
चरण दर चरण
मान के हिसाब से परिणाम
बाक़ी सब वैसा ही रखकर सिर्फ़ आगे का राइज़ (सेमी) बदलने पर के परिणाम।
| आगे का राइज़ (सेमी) | फ़्लाई की लंबाई (सेमी) | ज़िप का नाप (सेमी) |
|---|---|---|
| 13 | 6.7 | 10 |
| 19.5 | 11.2 | 12 |
| 26 | 15.8 | 15 |
| 39 | 24.9 | 25 |
| 52 | 34 | 25 |
हर परिणाम का मतलब
| परिणाम | डिफ़ॉल्ट मान पर |
|---|---|
| फ़्लाई की लंबाई (सेमी)ज़िप को जितना खोलना है उस हिस्से की लंबाई, ज़िप के साथ टॉपस्टिच की जाती है। | 15.8 |
| ज़िप का नाप (सेमी)ख़रीदने वाली ज़िप का लिखा नाप, बिकने वाले नाप तक ऊपर की ओर पूर्णांक। | 15 |
आम ग़लतियाँ
आगे का राइज़ सेंटर फ़्रंट पर कमर की सीवन से क्रॉच पॉइंट तक नापें, और उसे पीछे के राइज़ से न मिलाएँ, जो लंबा होता है। हिस्सा कपड़े के हिसाब से बदलता है: जीन्स और लो-राइज़ में 65–70%, हाई वेस्ट स्लैक्स में 55–60%, वरना खुलाव नाभि से ऊपर तक पहुँच जाता है। ज़िप हिसाब से लंबी हो तो कॉइल ज़िप नीचे से काटकर हाथ के टाँके से नया स्टॉप बनाया जा सकता है, पर धातु या विसलॉन ज़िप के दाँत काटने पर स्लाइडर निकल जाता है। खुलाव का निचला सिरा हमेशा बैक-स्टिच या बार-टैक से बंद करें — बैठते समय पूरा ज़ोर उसी एक बिंदु पर पड़ता है।
शब्दावली
- आगे का राइज़
- आगे की मध्य-रेखा के साथ कमर से क्रॉच पॉइंट तक की लंबाई; इसे पीछे के राइज़ से न मिलाएँ।
- बैंड की तैयार चौड़ाई
- बैंड की तैयार चौड़ाई; वह मोड़कर दोहरा लगता है, इसलिए कटाई इसकी दुगनी होती है।
- राइज़ में फ़्लाई का हिस्सा
- बैंड के नीचे के राइज़ में खुलने वाले हिस्से का अनुपात; उसके नीचे का बाक़ी हिस्सा क्रॉच का घुमाव है।
- फ़्लाई की लंबाई
- ज़िप को जितना खोलना है उस हिस्से की लंबाई, ज़िप के साथ टॉपस्टिच की जाती है।
- ज़िप का नाप
- ख़रीदने वाली ज़िप का लिखा नाप, बिकने वाले नाप तक ऊपर की ओर पूर्णांक।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. पैंट की फ़्लाई और ज़िप की लंबाई कैसे निकाला जाता है?
फ़्लाई की लंबाई = (आगे का राइज़ − बैंड की तैयार चौड़ाई) × राइज़ में फ़्लाई का हिस्सा ÷ 100 — 26 सेमी के आगे के राइज़ (फ़्रंट राइज़) से 3.5 सेमी वेस्टबैंड घटाने पर बैंड के नीचे 22.5 सेमी बचते हैं। फ़्लाई उसका ऊपरी 70%, यानी 15.8 सेमी लेती है, क्योंकि नीचे का 30% क्रॉच का कर्व है जहाँ से खुलाव नहीं जा सकता। बाज़ारू नाप 10 · 12 · 15 · 18 · 20 · 23 · 25 सेमी हैं, इसलिए सबसे नज़दीक 15 सेमी ली जाती है — टॉपस्टिचिंग ज़िप के हिसाब से की जाती है, तो बिलकुल सही नाप ज़रूरी नहीं।
Q. एक उदाहरण से समझाइए।
आगे का राइज़ 26सेमी, बैंड की तैयार चौड़ाई 3.5सेमी, राइज़ में फ़्लाई का हिस्सा 70% पर उत्तर फ़्लाई की लंबाई 15.8सेमी है।
Q. क्या-क्या लिखना है?
आगे का राइज़, बैंड की तैयार चौड़ाई, राइज़ में फ़्लाई का हिस्सा लिखें। लिखते ही गणना दोबारा हो जाती है, और ख़ाली खाना शून्य माना जाता है।
Q. कोई अंक बदलूँ तो परिणाम कितना हिलता है?
सिर्फ़ आगे का राइज़ (सेमी) बदलने पर परिणाम आगे का राइज़ (सेमी) 13 → फ़्लाई की लंबाई (सेमी) 6.7 और आगे का राइज़ (सेमी) 52 → फ़्लाई की लंबाई (सेमी) 34 हो जाता है। नीचे की सारणी में पाँच चरण दिए हैं।
Q. अंक कहाँ तक गोल किए जाते हैं?
रक़म पूरी इकाई तक, प्रतिशत एक दशमलव तक और बाक़ी दो दशमलव तक दिखाए जाते हैं। दिखने वाला अंक गोल किया हुआ है; गणना बिना गोल किए मान से आगे बढ़ती है।
Q. किस बात का ध्यान रखें?
आगे का राइज़ सेंटर फ़्रंट पर कमर की सीवन से क्रॉच पॉइंट तक नापें, और उसे पीछे के राइज़ से न मिलाएँ, जो लंबा होता है। हिस्सा कपड़े के हिसाब से बदलता है: जीन्स और लो-राइज़ में 65–70%, हाई वेस्ट स्लैक्स में 55–60%, वरना खुलाव नाभि से ऊपर तक पहुँच जाता है। ज़िप हिसाब से लंबी हो तो कॉइल ज़िप नीचे से काटकर हाथ के टाँके से नया स्टॉप बनाया जा सकता है, पर धातु या विसलॉन ज़िप के दाँत काटने पर स्लाइडर निकल जाता है। खुलाव का निचला सिरा हमेशा बैक-स्टिच या बार-टैक से बंद करें — बैठते समय पूरा ज़ोर उसी एक बिंदु पर पड़ता है।
साथ काम आने वाले कैलकुलेटर
हर सामग्री का घनत्व और सोख अलग है। लेबल पर आंकड़ा हो तो वही डालिए — यहाँ के डिफ़ॉल्ट सिर्फ़ आम मान हैं।