चाहिए औसत के लिए ज़रूरी अंक

चाहिए औसत को सारी परीक्षाओं से गुणा करके ज़रूरी कुल अंक निकालें, अब तक के अंक घटाएँ, और बची परीक्षाओं से भाग दें। 100 से ऊपर अंक आए तो लक्ष्य गणित के हिसाब से अब पहुँच से बाहर है।

आपके अंक

चाहिए अंक

95.5अंक

कम पड़ रहे अंक

17.5अंक

लक्ष्य

425अंक

इसका मतलब

बची परीक्षाओं में औसत 95.5 अंक लाएँ तो लक्ष्य मिल जाएगा।

सूत्र

चाहिए अंक = (चाहिए औसत × (हो चुकी परीक्षाएँ + बची परीक्षाएँ) − अब तक का औसत × हो चुकी परीक्षाएँ) ÷ बची परीक्षाएँ

अगर विषयों के क्रेडिट अलग हैं तो सीधा औसत धोखा देता है — तब भारित अंक वाला कैलकुलेटर लें।

क्या लिखना है

इनपुटडिफ़ॉल्टस्वीकार्य दायरा
अब तक का औसत (अंक)अब तक दी गई परीक्षाओं का आपका औसत।780 ~ 100
हो चुकी परीक्षाएँकितनी परीक्षाएँ हो चुकी हैं।31 या ज़्यादा
बची परीक्षाएँकितनी परीक्षाएँ अभी बाक़ी हैं।21 या ज़्यादा
चाहिए औसत (अंक)सत्र ख़त्म होने पर जो औसत चाहिए।850 ~ 100

चरण दर चरण

सूत्रचाहिए अंक = (चाहिए औसत × (हो चुकी परीक्षाएँ + बची परीक्षाएँ) − अब तक का औसत × हो चुकी परीक्षाएँ) ÷ बची परीक्षाएँ
डिफ़ॉल्ट मान रखने परचाहिए अंक = (85 × (3 + 2) − 78 × 3) ÷ 2
उत्तरचाहिए अंक = 95.5 अंक

मान के हिसाब से परिणाम

बाक़ी सब वैसा ही रखकर सिर्फ़ अब तक का औसत (अंक) बदलने पर के परिणाम।

अब तक का औसत (अंक)चाहिए अंक (अंक)कम पड़ रहे अंक (अंक)लक्ष्य (अंक)
39154115425
58.5124.866.3425
7895.517.5425
10062.5-37.5425

हर परिणाम का मतलब

परिणामडिफ़ॉल्ट मान पर
चाहिए अंक (अंक)बचे हुए में जो औसत लाना है।95.5
कम पड़ रहे अंक (अंक)उत्तीर्ण रेखा तक कितने अंक कम पड़ रहे हैं।17.5
लक्ष्य (अंक)जिस मान तक पहुँचना है।425

आम ग़लतियाँ

अगर विषयों के क्रेडिट अलग हैं तो सीधा औसत धोखा देता है — तब भारित अंक वाला कैलकुलेटर लें।

शब्दावली

अब तक का औसत
अब तक दी गई परीक्षाओं का आपका औसत।
हो चुकी परीक्षाएँ
कितनी परीक्षाएँ हो चुकी हैं।
बची परीक्षाएँ
कितनी परीक्षाएँ अभी बाक़ी हैं।
चाहिए औसत
सत्र ख़त्म होने पर जो औसत चाहिए।
चाहिए अंक
बचे हुए में जो औसत लाना है।
कम पड़ रहे अंक
उत्तीर्ण रेखा तक कितने अंक कम पड़ रहे हैं।
लक्ष्य
जिस मान तक पहुँचना है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. चाहिए औसत के लिए ज़रूरी अंक कैसे निकाला जाता है?

चाहिए अंक = (चाहिए औसत × (हो चुकी परीक्षाएँ + बची परीक्षाएँ) − अब तक का औसत × हो चुकी परीक्षाएँ) ÷ बची परीक्षाएँ — चाहिए औसत को सारी परीक्षाओं से गुणा करके ज़रूरी कुल अंक निकालें, अब तक के अंक घटाएँ, और बची परीक्षाओं से भाग दें। 100 से ऊपर अंक आए तो लक्ष्य गणित के हिसाब से अब पहुँच से बाहर है।

Q. एक उदाहरण से समझाइए।

अब तक का औसत 78अंक, हो चुकी परीक्षाएँ 3, बची परीक्षाएँ 2, चाहिए औसत 85अंक पर उत्तर चाहिए अंक 95.5अंक है।

Q. क्या-क्या लिखना है?

अब तक का औसत, हो चुकी परीक्षाएँ, बची परीक्षाएँ, चाहिए औसत लिखें। लिखते ही गणना दोबारा हो जाती है, और ख़ाली खाना शून्य माना जाता है।

Q. कोई अंक बदलूँ तो परिणाम कितना हिलता है?

सिर्फ़ अब तक का औसत (अंक) बदलने पर परिणाम अब तक का औसत (अंक) 39 → चाहिए अंक (अंक) 154 और अब तक का औसत (अंक) 100 → चाहिए अंक (अंक) 62.5 हो जाता है। नीचे की सारणी में पाँच चरण दिए हैं।

Q. अंक कहाँ तक गोल किए जाते हैं?

रक़म पूरी इकाई तक, प्रतिशत एक दशमलव तक और बाक़ी दो दशमलव तक दिखाए जाते हैं। दिखने वाला अंक गोल किया हुआ है; गणना बिना गोल किए मान से आगे बढ़ती है।

Q. किस बात का ध्यान रखें?

अगर विषयों के क्रेडिट अलग हैं तो सीधा औसत धोखा देता है — तब भारित अंक वाला कैलकुलेटर लें।

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