वीडियो 1080p में लगभग 3GB प्रति घंटा लगता है
वीडियो सबसे ज़्यादा डेटा खाता है
1080p वीडियो में करीब 3GB प्रति घंटा लगता है। उतने ही समय में म्यूज़िक स्ट्रीमिंग या ब्राउज़िंग सिर्फ करीब 0.15GB लेती है — यानी बीस गुना कम। अगर डेटा कम पड़ रहा है, तो लगभग हमेशा वीडियो क्वालिटी ही बदलने वाली चीज़ होती है।
एक क्वालिटी स्टेप नीचे मतलब आधा डेटा
1080p से 720p पर आने भर से खपत लगभग आधी हो जाती है। फ़ोन की स्क्रीन पर दोनों में फ़र्क़ बता पाना मुश्किल है, इसलिए बाहर 720p रखना डेटा बचाने का सबसे आसान तरीका है। 4K में करीब 7GB प्रति घंटा लगता है और छोटी स्क्रीन पर इसका कोई खास फ़ायदा नहीं है।
ये सिर्फ़ अनुमान हैं
एक ही 1080p में भी ज़्यादा हलचल वाला वीडियो स्थिर वीडियो से ज़्यादा डेटा लेता है। नए कोडेक (AV1, HEVC) इस्तेमाल करने वाले ऐप्स उसी क्वालिटी में 30–50% कम डेटा ले सकते हैं। असल खपत जानने के लिए फ़ोन की डेटा यूसेज स्क्रीन देखें।
ऑटोप्ले और प्रीलोड भी जुड़ते जाते हैं
सोशल ऐप्स का ऑटोप्ले वे वीडियो भी डाउनलोड कर देता है जिन्हें आप कभी देखते ही नहीं। ऐप की सेटिंग में ऑटोप्ले को "सिर्फ़ Wi-Fi पर" करना, वीडियो क्वालिटी घटाने से ज़्यादा डेटा बचाता है।
और कैलकुलेटर
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Qक्या ये आंकड़े हर ऐप के लिए सटीक हैं?
ये आम अनुमान हैं, किसी ऐप का सटीक मापन नहीं। एक ही रेज़ॉल्यूशन कोडेक, स्क्रीन साइज़ और वीडियो में हलचल के हिसाब से काफ़ी अलग डेटा ले सकता है।
Qवीडियो कॉल में 1080p वीडियो से कम डेटा क्यों लगता है?
वीडियो कॉल रीयल-टाइम भेजने के लिए ज़्यादा कंप्रेस होती है और आमतौर पर स्ट्रीम किए गए वीडियो से कम रेज़ॉल्यूशन में चलती है, इसलिए प्रति घंटा कम डेटा लगता है।