ब्रेसलेट का नाप कैलकुलेटर
ब्रेसलेट नंगी कलाई के नाप पर नहीं बनाया जा सकता, क्योंकि लड़ त्वचा से सटकर नहीं, मोतियों के बाहर की ओर घूमती है — मोती जितना बड़ा, असरदार गोलाई उतनी बड़ी। स्ट्रेच ब्रेसलेट के लिए 1–1.5 सेमी और क्लास्प वाले के लिए 1.5–2 सेमी गुंजाइश मानक है, क्योंकि क्लास्प को कलाई पर घूमना पड़ता है और ढील के बिना वह बंद ही नहीं होता। 16 सेमी कलाई पर 1.5 सेमी जोड़ने से 17.5 सेमी की लड़ बनती है, जिसमें 8 मिमी पर 21 मोती आते हैं। क्लास्प वाले ब्रेसलेट में क्लास्प की लंबाई — आमतौर पर 10–15 मिमी — लड़ से नहीं, मोतियों से घटाएँ, यानी क़रीब दो मोती कम पिरोएँ। स्ट्रेच कॉर्ड में क्लास्प नहीं होता, इसलिए मोती पूरी लड़ भरते हैं। कॉर्ड का आँकड़ा लड़ में 8 सेमी जोड़कर है — गाँठ बाँधने और उसे भीतर खींचने के छोर।
आपके अंक
लड़ की लंबाई
17.5सेमी
मोती
21मोती
कॉर्ड की लंबाई
25.5सेमी
सूत्र
लड़ की लंबाई = कलाई (सेमी) + गुंजाइश
स्ट्रेच कॉर्ड खुलने से ज़्यादा टूटकर नाकाम होती है। 0.8 मिमी या मोटी लें, और पिरोने से पहले सिरे कुछ बार खींचकर उसे पहले से तान दें, वरना ब्रेसलेट कुछ दिनों में ढीला हो जाता है। सर्जन नॉट दो बार बाँधें, एक बूँद गोंद डालें और गाँठ को किसी मोती के छेद के भीतर खींच लें। खुरदरे छेद वाले पत्थर और धातु के मोती कॉर्ड को आरे की तरह काटते हैं, इसलिए वे क्लास्प वाली लड़ पर ही ठीक हैं। कलाई दिन भर में आधा सेंटीमीटर तक फूलती भी है, इसलिए उपहार के लिए गुंजाइश उदार रखें।
क्या लिखना है
| इनपुट | डिफ़ॉल्ट | स्वीकार्य दायरा |
|---|---|---|
| कलाई (सेमी) (सेमी)कलाई की सबसे पतली जगह का घेरा; यहाँ चर्बी न होने से हड्डी का ढाँचा साफ़ दिखता है। | 16 | 0 या ज़्यादा |
| गुंजाइश (सेमी)फ़िनिशिंग और डाई लॉट के फ़र्क़ के लिए रखी जाने वाली गुंजाइश। | 1.5 | 0 ~ 5 |
| मोती का व्यास (mm)एक मोती का बाहरी व्यास, छेद का नहीं। | 8 | 0 या ज़्यादा |
चरण दर चरण
मान के हिसाब से परिणाम
बाक़ी सब वैसा ही रखकर सिर्फ़ कलाई (सेमी) (सेमी) बदलने पर के परिणाम।
| कलाई (सेमी) (सेमी) | लड़ की लंबाई (सेमी) | मोती (मोती) | कॉर्ड की लंबाई (सेमी) |
|---|---|---|---|
| 8 | 9.5 | 11 | 17.5 |
| 12 | 13.5 | 16 | 21.5 |
| 16 | 17.5 | 21 | 25.5 |
| 24 | 25.5 | 31 | 33.5 |
| 32 | 33.5 | 41 | 41.5 |
हर परिणाम का मतलब
| परिणाम | डिफ़ॉल्ट मान पर |
|---|---|
| लड़ की लंबाई (सेमी)तैयार लड़ की लंबाई, क्लास्प को छोड़कर। | 17.5 |
| मोती (मोती)कितने मोती लगते हैं; बीच में अंतर डालने पर गिनती घट जाती है। | 21 |
| कॉर्ड की लंबाई (सेमी)काटने वाली कॉर्ड की लंबाई, एक कॉर्ड के हिसाब से। | 25.5 |
आम ग़लतियाँ
स्ट्रेच कॉर्ड खुलने से ज़्यादा टूटकर नाकाम होती है। 0.8 मिमी या मोटी लें, और पिरोने से पहले सिरे कुछ बार खींचकर उसे पहले से तान दें, वरना ब्रेसलेट कुछ दिनों में ढीला हो जाता है। सर्जन नॉट दो बार बाँधें, एक बूँद गोंद डालें और गाँठ को किसी मोती के छेद के भीतर खींच लें। खुरदरे छेद वाले पत्थर और धातु के मोती कॉर्ड को आरे की तरह काटते हैं, इसलिए वे क्लास्प वाली लड़ पर ही ठीक हैं। कलाई दिन भर में आधा सेंटीमीटर तक फूलती भी है, इसलिए उपहार के लिए गुंजाइश उदार रखें।
शब्दावली
- कलाई (सेमी)
- कलाई की सबसे पतली जगह का घेरा; यहाँ चर्बी न होने से हड्डी का ढाँचा साफ़ दिखता है।
- गुंजाइश
- फ़िनिशिंग और डाई लॉट के फ़र्क़ के लिए रखी जाने वाली गुंजाइश।
- मोती का व्यास
- एक मोती का बाहरी व्यास, छेद का नहीं।
- लड़ की लंबाई
- तैयार लड़ की लंबाई, क्लास्प को छोड़कर।
- मोती
- कितने मोती लगते हैं; बीच में अंतर डालने पर गिनती घट जाती है।
- कॉर्ड की लंबाई
- काटने वाली कॉर्ड की लंबाई, एक कॉर्ड के हिसाब से।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. ब्रेसलेट का नाप कैलकुलेटर कैसे निकाला जाता है?
लड़ की लंबाई = कलाई (सेमी) + गुंजाइश — ब्रेसलेट नंगी कलाई के नाप पर नहीं बनाया जा सकता, क्योंकि लड़ त्वचा से सटकर नहीं, मोतियों के बाहर की ओर घूमती है — मोती जितना बड़ा, असरदार गोलाई उतनी बड़ी। स्ट्रेच ब्रेसलेट के लिए 1–1.5 सेमी और क्लास्प वाले के लिए 1.5–2 सेमी गुंजाइश मानक है, क्योंकि क्लास्प को कलाई पर घूमना पड़ता है और ढील के बिना वह बंद ही नहीं होता। 16 सेमी कलाई पर 1.5 सेमी जोड़ने से 17.5 सेमी की लड़ बनती है, जिसमें 8 मिमी पर 21 मोती आते हैं। क्लास्प वाले ब्रेसलेट में क्लास्प की लंबाई — आमतौर पर 10–15 मिमी — लड़ से नहीं, मोतियों से घटाएँ, यानी क़रीब दो मोती कम पिरोएँ। स्ट्रेच कॉर्ड में क्लास्प नहीं होता, इसलिए मोती पूरी लड़ भरते हैं। कॉर्ड का आँकड़ा लड़ में 8 सेमी जोड़कर है — गाँठ बाँधने और उसे भीतर खींचने के छोर।
Q. एक उदाहरण से समझाइए।
कलाई (सेमी) 16सेमी, गुंजाइश 1.5सेमी, मोती का व्यास 8mm पर उत्तर लड़ की लंबाई 17.5सेमी है।
Q. क्या-क्या लिखना है?
कलाई (सेमी), गुंजाइश, मोती का व्यास लिखें। लिखते ही गणना दोबारा हो जाती है, और ख़ाली खाना शून्य माना जाता है।
Q. कोई अंक बदलूँ तो परिणाम कितना हिलता है?
सिर्फ़ कलाई (सेमी) (सेमी) बदलने पर परिणाम कलाई (सेमी) (सेमी) 8 → लड़ की लंबाई (सेमी) 9.5 और कलाई (सेमी) (सेमी) 32 → लड़ की लंबाई (सेमी) 33.5 हो जाता है। नीचे की सारणी में पाँच चरण दिए हैं।
Q. अंक कहाँ तक गोल किए जाते हैं?
रक़म पूरी इकाई तक, प्रतिशत एक दशमलव तक और बाक़ी दो दशमलव तक दिखाए जाते हैं। दिखने वाला अंक गोल किया हुआ है; गणना बिना गोल किए मान से आगे बढ़ती है।
Q. किस बात का ध्यान रखें?
स्ट्रेच कॉर्ड खुलने से ज़्यादा टूटकर नाकाम होती है। 0.8 मिमी या मोटी लें, और पिरोने से पहले सिरे कुछ बार खींचकर उसे पहले से तान दें, वरना ब्रेसलेट कुछ दिनों में ढीला हो जाता है। सर्जन नॉट दो बार बाँधें, एक बूँद गोंद डालें और गाँठ को किसी मोती के छेद के भीतर खींच लें। खुरदरे छेद वाले पत्थर और धातु के मोती कॉर्ड को आरे की तरह काटते हैं, इसलिए वे क्लास्प वाली लड़ पर ही ठीक हैं। कलाई दिन भर में आधा सेंटीमीटर तक फूलती भी है, इसलिए उपहार के लिए गुंजाइश उदार रखें।
साथ काम आने वाले कैलकुलेटर
हर सामग्री का घनत्व और सोख अलग है। लेबल पर आंकड़ा हो तो वही डालिए — यहाँ के डिफ़ॉल्ट सिर्फ़ आम मान हैं।