बाली के तार की लंबाई
हूप का एक चक्कर व्यास × π है। 20 मिमी का हूप 62.8 मिमी है, इसलिए एक-दूसरे पर चढ़े दो चक्कर 125.7 मिमी लेते हैं, और 15 मिमी लूप गुंजाइश के साथ एक बाली पर 140.7 मिमी, एक जोड़े पर 281.3 मिमी। लूप गुंजाइश उस लूप को बनाने और सिरे को मारने का हिस्सा है जिससे बाली कान के तार पर लटकती है: सादा राउंड-नोज़ लूप 8–10 मिमी लेता है, लपेटकर बनाया लूप 20–25 मिमी। लपेटे आधे-आधे क़दम में डाले जा सकते हैं — 1.5 चक्कर वह हूप देता है जिसका आधा हिस्सा चढ़ा होकर सामने से दोहरी लाइन जैसा दिखता है। हूप के बजाय ड्रॉप बनाना हो तो व्यास के ख़ाने में ड्रॉप की चौड़ाई और लपेटों में 1 डालें, तो एक परिधि मिल जाती है। इस गणना का असली मक़सद जोड़ी मिलाना है: दोनों बालियाँ अलग-अलग नापकर काटें तो 1–2 मिमी का फ़र्क़ आ जाता है, जो सामने से दिखता है। जोड़े की लंबाई काटें, उसे आधा मोड़ें और एक ही बार काटें।
आपके अंक
तार की लंबाई
140.7mm
कुल
281.3mm
सूत्र
तार की लंबाई = लपेटे × π × व्यास + लूप की गुंजाइश
गुंजाइश में कंजूसी करें तो आख़िरी मार्किंग पूरी नहीं हो पाती। पकड़ने के लिए छोर न बचे तो लूप कसा नहीं जा सकता, और खींचते समय तार कुछ खिंच भी जाता है, इसलिए असली लंबाई हिसाब से ऊपर निकलती है। मोटा तार — 0.8 मिमी / 20 गेज और ऊपर — हाथ में साफ़ गोल नहीं बनता और मैंड्रल पर लपेटना पड़ता है, जिससे हूप का व्यास मैंड्रल और तार मिलाकर हो जाता है, यानी हिसाब से बड़ा। कान से गुज़रने वाला हिस्सा सर्जिकल स्टील, टाइटेनियम या फ़ाइन सिल्वर होना चाहिए; निकल वाले क्राफ़्ट तार को हूप के ढाँचे तक ही रखें। हर कटाई पर सिरे घिसकर चिकना करने के लिए एक मिलीमीटर और जोड़ें।
क्या लिखना है
| इनपुट | डिफ़ॉल्ट | स्वीकार्य दायरा |
|---|---|---|
| व्यास (mm)वृत्त को पार करती सबसे लंबी रेखा — त्रिज्या की दोगुनी। | 20 | 0 या ज़्यादा |
| लपेटेकितने लपेटे; हर लपेटा एक परिधि खाता है। | 2 | 0 या ज़्यादा |
| लूप की गुंजाइश (mm)लूप बनाने और सिरा मारने के लिए रखी गुंजाइश; लपेटा हुआ लूप 20 मिमी से ज़्यादा लेता है। | 15 | 0 या ज़्यादा |
चरण दर चरण
मान के हिसाब से परिणाम
बाक़ी सब वैसा ही रखकर सिर्फ़ व्यास (mm) बदलने पर के परिणाम।
| व्यास (mm) | तार की लंबाई (mm) | कुल (mm) |
|---|---|---|
| 10 | 77.8 | 155.7 |
| 15 | 109.2 | 218.5 |
| 20 | 140.7 | 281.3 |
| 30 | 203.5 | 407 |
| 40 | 266.3 | 532.7 |
हर परिणाम का मतलब
| परिणाम | डिफ़ॉल्ट मान पर |
|---|---|
| तार की लंबाई (mm)ज़रूरी तार, छँटाई और बरबादी जोड़ने से पहले। | 140.7 |
| कुल (mm)सारी मदें जोड़कर — देख लें कि कर या टिप इसमें हैं या नहीं। | 281.3 |
आम ग़लतियाँ
गुंजाइश में कंजूसी करें तो आख़िरी मार्किंग पूरी नहीं हो पाती। पकड़ने के लिए छोर न बचे तो लूप कसा नहीं जा सकता, और खींचते समय तार कुछ खिंच भी जाता है, इसलिए असली लंबाई हिसाब से ऊपर निकलती है। मोटा तार — 0.8 मिमी / 20 गेज और ऊपर — हाथ में साफ़ गोल नहीं बनता और मैंड्रल पर लपेटना पड़ता है, जिससे हूप का व्यास मैंड्रल और तार मिलाकर हो जाता है, यानी हिसाब से बड़ा। कान से गुज़रने वाला हिस्सा सर्जिकल स्टील, टाइटेनियम या फ़ाइन सिल्वर होना चाहिए; निकल वाले क्राफ़्ट तार को हूप के ढाँचे तक ही रखें। हर कटाई पर सिरे घिसकर चिकना करने के लिए एक मिलीमीटर और जोड़ें।
शब्दावली
- व्यास
- वृत्त को पार करती सबसे लंबी रेखा — त्रिज्या की दोगुनी।
- लपेटे
- कितने लपेटे; हर लपेटा एक परिधि खाता है।
- लूप की गुंजाइश
- लूप बनाने और सिरा मारने के लिए रखी गुंजाइश; लपेटा हुआ लूप 20 मिमी से ज़्यादा लेता है।
- तार की लंबाई
- ज़रूरी तार, छँटाई और बरबादी जोड़ने से पहले।
- कुल
- सारी मदें जोड़कर — देख लें कि कर या टिप इसमें हैं या नहीं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. बाली के तार की लंबाई कैसे निकाला जाता है?
तार की लंबाई = लपेटे × π × व्यास + लूप की गुंजाइश — हूप का एक चक्कर व्यास × π है। 20 मिमी का हूप 62.8 मिमी है, इसलिए एक-दूसरे पर चढ़े दो चक्कर 125.7 मिमी लेते हैं, और 15 मिमी लूप गुंजाइश के साथ एक बाली पर 140.7 मिमी, एक जोड़े पर 281.3 मिमी। लूप गुंजाइश उस लूप को बनाने और सिरे को मारने का हिस्सा है जिससे बाली कान के तार पर लटकती है: सादा राउंड-नोज़ लूप 8–10 मिमी लेता है, लपेटकर बनाया लूप 20–25 मिमी। लपेटे आधे-आधे क़दम में डाले जा सकते हैं — 1.5 चक्कर वह हूप देता है जिसका आधा हिस्सा चढ़ा होकर सामने से दोहरी लाइन जैसा दिखता है। हूप के बजाय ड्रॉप बनाना हो तो व्यास के ख़ाने में ड्रॉप की चौड़ाई और लपेटों में 1 डालें, तो एक परिधि मिल जाती है। इस गणना का असली मक़सद जोड़ी मिलाना है: दोनों बालियाँ अलग-अलग नापकर काटें तो 1–2 मिमी का फ़र्क़ आ जाता है, जो सामने से दिखता है। जोड़े की लंबाई काटें, उसे आधा मोड़ें और एक ही बार काटें।
Q. एक उदाहरण से समझाइए।
व्यास 20mm, लपेटे 2, लूप की गुंजाइश 15mm पर उत्तर तार की लंबाई 140.7mm है।
Q. क्या-क्या लिखना है?
व्यास, लपेटे, लूप की गुंजाइश लिखें। लिखते ही गणना दोबारा हो जाती है, और ख़ाली खाना शून्य माना जाता है।
Q. कोई अंक बदलूँ तो परिणाम कितना हिलता है?
सिर्फ़ व्यास (mm) बदलने पर परिणाम व्यास (mm) 10 → तार की लंबाई (mm) 77.8 और व्यास (mm) 40 → तार की लंबाई (mm) 266.3 हो जाता है। नीचे की सारणी में पाँच चरण दिए हैं।
Q. अंक कहाँ तक गोल किए जाते हैं?
रक़म पूरी इकाई तक, प्रतिशत एक दशमलव तक और बाक़ी दो दशमलव तक दिखाए जाते हैं। दिखने वाला अंक गोल किया हुआ है; गणना बिना गोल किए मान से आगे बढ़ती है।
Q. किस बात का ध्यान रखें?
गुंजाइश में कंजूसी करें तो आख़िरी मार्किंग पूरी नहीं हो पाती। पकड़ने के लिए छोर न बचे तो लूप कसा नहीं जा सकता, और खींचते समय तार कुछ खिंच भी जाता है, इसलिए असली लंबाई हिसाब से ऊपर निकलती है। मोटा तार — 0.8 मिमी / 20 गेज और ऊपर — हाथ में साफ़ गोल नहीं बनता और मैंड्रल पर लपेटना पड़ता है, जिससे हूप का व्यास मैंड्रल और तार मिलाकर हो जाता है, यानी हिसाब से बड़ा। कान से गुज़रने वाला हिस्सा सर्जिकल स्टील, टाइटेनियम या फ़ाइन सिल्वर होना चाहिए; निकल वाले क्राफ़्ट तार को हूप के ढाँचे तक ही रखें। हर कटाई पर सिरे घिसकर चिकना करने के लिए एक मिलीमीटर और जोड़ें।
साथ काम आने वाले कैलकुलेटर
हर सामग्री का घनत्व और सोख अलग है। लेबल पर आंकड़ा हो तो वही डालिए — यहाँ के डिफ़ॉल्ट सिर्फ़ आम मान हैं।