कई तेलों के लिए कास्टिक सोडा कैलकुलेटर
मिले-जुले नुस्ख़े का हिसाब तेल-दर-तेल करके जोड़ना पड़ता है, क्योंकि SAP मान उस तेल का गुण है, साबुन का नहीं — हर आँकड़ा उसी तेल के ब्योरे से लें, चाहे वह सप्लायर की शीट हो या मानक SAP तालिका। जैतून 300 ग्राम (SAP 190), नारियल 150 ग्राम (SAP 258) और अरंडी 50 ग्राम (SAP 180) मिलकर 300×190 + 150×258 + 50×180 = 104,700 देते हैं, जिसे 1402.5 से भाग देने पर 74.7 ग्राम NaOH आता है, और 5% सुपरफ़ैट घटाने पर 70.9 ग्राम बचता है। साथ दिखने वाला बैच का SAP, यहाँ 209.4, वज़न से गढ़ा औसत है: आगे इस बैच को एक ही तेल की तरह बरतना हो तो यही अंक काम आता है। कोई एक तेल बदलें और वह औसत हिल जाता है, इसलिए सोडा दोबारा निकालना पड़ता है।
आपके अंक
ज़रूरी कास्टिक सोडा
70.9g
बैच का औसत SAP
209.4
पानी
142g
कुल मिश्रण
713g
सूत्र
ज़रूरी कास्टिक सोडा = (तेल 1 का वज़न × तेल 1 का SAP मान + तेल 2 का वज़न × तेल 2 का SAP मान + तेल 3 का वज़न × तेल 3 का SAP मान) ÷ 1402.5 × (1 − सुपरफ़ैट ÷ 100)
कास्टिक सोडा हमेशा पानी में डालें, पानी सोडा में कभी नहीं — उल्टा क्रम कुछ ही पलों में उबलकर छींटे मार सकता है। चश्मा और दस्ताने पहनें, और स्टेनलेस स्टील या HDPE में घोलें; एल्युमिनियम कभी नहीं, कास्टिक सोडा उसे खाकर हाइड्रोजन बनाता है। घोल मिलते ही ख़ुद 80–90 °C तक गरम हो जाता है, इसलिए काँच और पतला प्लास्टिक नहीं। किसी एक तेल का वज़न ग़लत टाइप हो जाए तो सोडा खिसक जाता है: कम हुआ तो नरम बार बनता है जो जमता ही नहीं, ज़्यादा हुआ तो त्वचा जलाने वाला। जो तेल नहीं ले रहे उसका वज़न शून्य कर दें — अकेला बचा SAP मान कुछ नहीं बदलता।
क्या लिखना है
| इनपुट | डिफ़ॉल्ट | स्वीकार्य दायरा |
|---|---|---|
| तेल 1 का वज़न (g)पहले तेल का अकेला वज़न, पानी और क्षार छोड़कर। | 300 | 0 या ज़्यादा |
| तेल 1 का SAP मानउस तेल का SAP — प्रति ग्राम तेल पर KOH के मिलीग्राम, उसके अपने ब्योरे से लिया हुआ। | 190 | 0 ~ 300 |
| तेल 2 का वज़न (g)दूसरे तेल का वज़न; न ले रहे हों तो शून्य छोड़ दें। | 150 | 0 या ज़्यादा |
| तेल 2 का SAP मानदूसरे तेल का SAP मान — नारियल लगभग 258, पाम लगभग 199। | 258 | 0 ~ 300 |
| तेल 3 का वज़न (g)तीसरे तेल का वज़न — अरंडी जैसी थोड़ी मात्रा वाले तेलों की जगह। | 50 | 0 या ज़्यादा |
| तेल 3 का SAP मानतीसरे तेल का SAP मान — अरंडी लगभग 180, शिया बटर लगभग 128। | 180 | 0 ~ 300 |
| सुपरफ़ैट (%)साबुन में बिना साबुन बना छोड़ा तेल; क्षार उतना ही घटा दिया जाता है। | 5 | 0 ~ 20 |
चरण दर चरण
मान के हिसाब से परिणाम
बाक़ी सब वैसा ही रखकर सिर्फ़ तेल 1 का वज़न (g) बदलने पर के परिणाम।
| तेल 1 का वज़न (g) | ज़रूरी कास्टिक सोडा (g) | बैच का औसत SAP | पानी (g) |
|---|---|---|---|
| 150 | 51.6 | 217.7 | 103 |
| 225 | 61.3 | 212.8 | 123 |
| 300 | 70.9 | 209.4 | 142 |
| 450 | 90.2 | 204.9 | 180 |
| 600 | 109.5 | 202.1 | 219 |
हर परिणाम का मतलब
| परिणाम | डिफ़ॉल्ट मान पर |
|---|---|
| ज़रूरी कास्टिक सोडा (g)ज़रूरी कास्टिक सोडा; कम हो तो साबुन नरम, ज़्यादा हो तो त्वचा जलाने वाला। | 70.9 |
| बैच का औसत SAPपूरे बैच का SAP, तेलों के वज़न से गढ़ा औसत — कोई एक तेल बदलते ही यह हिल जाता है। | 209.4 |
| पानी (g)घोलने के लिए पानी। क्षार पानी में डाला जाता है, उल्टा कभी नहीं। | 142 |
| कुल मिश्रण (g)तेल, पानी और क्षार मिलाकर कुल वज़न। | 713 |
आम ग़लतियाँ
कास्टिक सोडा हमेशा पानी में डालें, पानी सोडा में कभी नहीं — उल्टा क्रम कुछ ही पलों में उबलकर छींटे मार सकता है। चश्मा और दस्ताने पहनें, और स्टेनलेस स्टील या HDPE में घोलें; एल्युमिनियम कभी नहीं, कास्टिक सोडा उसे खाकर हाइड्रोजन बनाता है। घोल मिलते ही ख़ुद 80–90 °C तक गरम हो जाता है, इसलिए काँच और पतला प्लास्टिक नहीं। किसी एक तेल का वज़न ग़लत टाइप हो जाए तो सोडा खिसक जाता है: कम हुआ तो नरम बार बनता है जो जमता ही नहीं, ज़्यादा हुआ तो त्वचा जलाने वाला। जो तेल नहीं ले रहे उसका वज़न शून्य कर दें — अकेला बचा SAP मान कुछ नहीं बदलता।
शब्दावली
- तेल 1 का वज़न
- पहले तेल का अकेला वज़न, पानी और क्षार छोड़कर।
- तेल 1 का SAP मान
- उस तेल का SAP — प्रति ग्राम तेल पर KOH के मिलीग्राम, उसके अपने ब्योरे से लिया हुआ।
- तेल 2 का वज़न
- दूसरे तेल का वज़न; न ले रहे हों तो शून्य छोड़ दें।
- तेल 2 का SAP मान
- दूसरे तेल का SAP मान — नारियल लगभग 258, पाम लगभग 199।
- तेल 3 का वज़न
- तीसरे तेल का वज़न — अरंडी जैसी थोड़ी मात्रा वाले तेलों की जगह।
- तेल 3 का SAP मान
- तीसरे तेल का SAP मान — अरंडी लगभग 180, शिया बटर लगभग 128।
- सुपरफ़ैट
- साबुन में बिना साबुन बना छोड़ा तेल; क्षार उतना ही घटा दिया जाता है।
- ज़रूरी कास्टिक सोडा
- ज़रूरी कास्टिक सोडा; कम हो तो साबुन नरम, ज़्यादा हो तो त्वचा जलाने वाला।
- बैच का औसत SAP
- पूरे बैच का SAP, तेलों के वज़न से गढ़ा औसत — कोई एक तेल बदलते ही यह हिल जाता है।
- पानी
- घोलने के लिए पानी। क्षार पानी में डाला जाता है, उल्टा कभी नहीं।
- कुल मिश्रण
- तेल, पानी और क्षार मिलाकर कुल वज़न।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. कई तेलों के लिए कास्टिक सोडा कैलकुलेटर कैसे निकाला जाता है?
ज़रूरी कास्टिक सोडा = (तेल 1 का वज़न × तेल 1 का SAP मान + तेल 2 का वज़न × तेल 2 का SAP मान + तेल 3 का वज़न × तेल 3 का SAP मान) ÷ 1402.5 × (1 − सुपरफ़ैट ÷ 100) — मिले-जुले नुस्ख़े का हिसाब तेल-दर-तेल करके जोड़ना पड़ता है, क्योंकि SAP मान उस तेल का गुण है, साबुन का नहीं — हर आँकड़ा उसी तेल के ब्योरे से लें, चाहे वह सप्लायर की शीट हो या मानक SAP तालिका। जैतून 300 ग्राम (SAP 190), नारियल 150 ग्राम (SAP 258) और अरंडी 50 ग्राम (SAP 180) मिलकर 300×190 + 150×258 + 50×180 = 104,700 देते हैं, जिसे 1402.5 से भाग देने पर 74.7 ग्राम NaOH आता है, और 5% सुपरफ़ैट घटाने पर 70.9 ग्राम बचता है। साथ दिखने वाला बैच का SAP, यहाँ 209.4, वज़न से गढ़ा औसत है: आगे इस बैच को एक ही तेल की तरह बरतना हो तो यही अंक काम आता है। कोई एक तेल बदलें और वह औसत हिल जाता है, इसलिए सोडा दोबारा निकालना पड़ता है।
Q. एक उदाहरण से समझाइए।
तेल 1 का वज़न 300g, तेल 1 का SAP मान 190, तेल 2 का वज़न 150g, तेल 2 का SAP मान 258, तेल 3 का वज़न 50g, तेल 3 का SAP मान 180, सुपरफ़ैट 5% पर उत्तर ज़रूरी कास्टिक सोडा 70.9g है।
Q. क्या-क्या लिखना है?
तेल 1 का वज़न, तेल 1 का SAP मान, तेल 2 का वज़न, तेल 2 का SAP मान, तेल 3 का वज़न, तेल 3 का SAP मान, सुपरफ़ैट लिखें। लिखते ही गणना दोबारा हो जाती है, और ख़ाली खाना शून्य माना जाता है।
Q. कोई अंक बदलूँ तो परिणाम कितना हिलता है?
सिर्फ़ तेल 1 का वज़न (g) बदलने पर परिणाम तेल 1 का वज़न (g) 150 → ज़रूरी कास्टिक सोडा (g) 51.6 और तेल 1 का वज़न (g) 600 → ज़रूरी कास्टिक सोडा (g) 109.5 हो जाता है। नीचे की सारणी में पाँच चरण दिए हैं।
Q. अंक कहाँ तक गोल किए जाते हैं?
रक़म पूरी इकाई तक, प्रतिशत एक दशमलव तक और बाक़ी दो दशमलव तक दिखाए जाते हैं। दिखने वाला अंक गोल किया हुआ है; गणना बिना गोल किए मान से आगे बढ़ती है।
Q. किस बात का ध्यान रखें?
कास्टिक सोडा हमेशा पानी में डालें, पानी सोडा में कभी नहीं — उल्टा क्रम कुछ ही पलों में उबलकर छींटे मार सकता है। चश्मा और दस्ताने पहनें, और स्टेनलेस स्टील या HDPE में घोलें; एल्युमिनियम कभी नहीं, कास्टिक सोडा उसे खाकर हाइड्रोजन बनाता है। घोल मिलते ही ख़ुद 80–90 °C तक गरम हो जाता है, इसलिए काँच और पतला प्लास्टिक नहीं। किसी एक तेल का वज़न ग़लत टाइप हो जाए तो सोडा खिसक जाता है: कम हुआ तो नरम बार बनता है जो जमता ही नहीं, ज़्यादा हुआ तो त्वचा जलाने वाला। जो तेल नहीं ले रहे उसका वज़न शून्य कर दें — अकेला बचा SAP मान कुछ नहीं बदलता।
साथ काम आने वाले कैलकुलेटर
हर सामग्री का घनत्व और सोख अलग है। लेबल पर आंकड़ा हो तो वही डालिए — यहाँ के डिफ़ॉल्ट सिर्फ़ आम मान हैं।