एकमुश्त बनाम बिना ब्याज किस्तें

एकमुश्त देने पर “क़ीमत × छूट” बचती है। किस्तों में पैसा आपके पास रहकर ब्याज कमाता है, पर बक़ाया हर महीने घटता है, इसलिए औसत आधी रक़म रहती है और ब्याज भी आधा। दोनों अंक मिलाकर देखें।

आपके अंक

अंतर

42,000

बचत

60,000

ब्याज

18,000

मासिक किस्त (EMI)

100,000

इसका मतलब

एकमुश्त देना 42000 बेहतर पड़ता है।

सूत्र

अंतर = क़ीमत × प्रतिशत ÷ 100 − क़ीमत × वार्षिक दर ÷ 100 × किस्तें ÷ 24

अगर बिना ब्याज किस्तों में कैशबैक या पॉइंट छूट जाते हैं तो उन्हें ब्याज वाले पक्ष से घटा दें। यह भी देखें कि किस्तें अगले महीने का बजट न खा जाएँ।

क्या लिखना है

इनपुटडिफ़ॉल्टस्वीकार्य दायरा
क़ीमतजो रक़म ली जा रही है। पहले तय करें कि कर से पहले है या बाद।1,200,0000 या ज़्यादा
प्रतिशत (%)100 के पैमाने पर बताया गया हिस्सा।50 ~ 100
किस्तें (माह)कितने महीनों में बाँटना है; अवधि लंबी होने पर कुल शुल्क बढ़ता है।121 ~ 60
वार्षिक दर (%)सालाना बताई गई ब्याज दर; मासिक दर इसे 12 से भाग देने पर मिलती है।30 ~ 30

चरण दर चरण

सूत्रअंतर = क़ीमत × प्रतिशत ÷ 100 − क़ीमत × वार्षिक दर ÷ 100 × किस्तें ÷ 24
डिफ़ॉल्ट मान रखने परअंतर = 1,200,000 × 5 ÷ 100 − 1,200,000 × 3 ÷ 100 × 12 ÷ 24
उत्तरअंतर = 42,000

मान के हिसाब से परिणाम

बाक़ी सब वैसा ही रखकर सिर्फ़ क़ीमत बदलने पर के परिणाम।

क़ीमतअंतरबचतब्याज
600,00021,00030,0009,000
900,00031,50045,00013,500
1,200,00042,00060,00018,000
1,800,00063,00090,00027,000
2,400,00084,000120,00036,000

हर परिणाम का मतलब

परिणामडिफ़ॉल्ट मान पर
अंतरदो मानों के बीच का फ़ासला — मात्रा, दर नहीं।42,000
बचतयह पेशकश आपकी जेब में कितना छोड़ती है।60,000
ब्याजउस अवधि में कमाया या देना पड़ा ब्याज।18,000
मासिक किस्त (EMI)हर महीने आपको जितना देना है।100,000

आम ग़लतियाँ

अगर बिना ब्याज किस्तों में कैशबैक या पॉइंट छूट जाते हैं तो उन्हें ब्याज वाले पक्ष से घटा दें। यह भी देखें कि किस्तें अगले महीने का बजट न खा जाएँ।

शब्दावली

क़ीमत
जो रक़म ली जा रही है। पहले तय करें कि कर से पहले है या बाद।
प्रतिशत
100 के पैमाने पर बताया गया हिस्सा।
किस्तें
कितने महीनों में बाँटना है; अवधि लंबी होने पर कुल शुल्क बढ़ता है।
वार्षिक दर
सालाना बताई गई ब्याज दर; मासिक दर इसे 12 से भाग देने पर मिलती है।
अंतर
दो मानों के बीच का फ़ासला — मात्रा, दर नहीं।
बचत
यह पेशकश आपकी जेब में कितना छोड़ती है।
ब्याज
उस अवधि में कमाया या देना पड़ा ब्याज।
मासिक किस्त (EMI)
हर महीने आपको जितना देना है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. एकमुश्त बनाम बिना ब्याज किस्तें कैसे निकाला जाता है?

अंतर = क़ीमत × प्रतिशत ÷ 100 − क़ीमत × वार्षिक दर ÷ 100 × किस्तें ÷ 24 — एकमुश्त देने पर “क़ीमत × छूट” बचती है। किस्तों में पैसा आपके पास रहकर ब्याज कमाता है, पर बक़ाया हर महीने घटता है, इसलिए औसत आधी रक़म रहती है और ब्याज भी आधा। दोनों अंक मिलाकर देखें।

Q. एक उदाहरण से समझाइए।

क़ीमत 1,200,000, प्रतिशत 5%, किस्तें 12माह, वार्षिक दर 3% पर उत्तर अंतर 42,000 है।

Q. क्या-क्या लिखना है?

क़ीमत, प्रतिशत, किस्तें, वार्षिक दर लिखें। लिखते ही गणना दोबारा हो जाती है, और ख़ाली खाना शून्य माना जाता है।

Q. कोई अंक बदलूँ तो परिणाम कितना हिलता है?

सिर्फ़ क़ीमत बदलने पर परिणाम क़ीमत 600,000 → अंतर 21,000 और क़ीमत 2,400,000 → अंतर 84,000 हो जाता है। नीचे की सारणी में पाँच चरण दिए हैं।

Q. अंक कहाँ तक गोल किए जाते हैं?

रक़म पूरी इकाई तक, प्रतिशत एक दशमलव तक और बाक़ी दो दशमलव तक दिखाए जाते हैं। दिखने वाला अंक गोल किया हुआ है; गणना बिना गोल किए मान से आगे बढ़ती है।

Q. किस बात का ध्यान रखें?

अगर बिना ब्याज किस्तों में कैशबैक या पॉइंट छूट जाते हैं तो उन्हें ब्याज वाले पक्ष से घटा दें। यह भी देखें कि किस्तें अगले महीने का बजट न खा जाएँ।

साथ काम आने वाले कैलकुलेटर

कर की दरें और ब्याज गिनने का तरीक़ा देश और उत्पाद के हिसाब से बदलता है — असली लेन-देन में अपना अनुबंध देखें।