औसत धमनी दाब
दिल हर चक्र का सिर्फ़ एक-तिहाई सिकुड़ने में बिताता है, इसलिए औसत दाब सीधा औसत नहीं बल्कि डायस्टोलिक में नाड़ी दाब का एक-तिहाई जोड़ना है। यह अंगों तक रक्त पहुँचने को दर्शाता है।
आपके अंक
औसत धमनी दाब
93.3mmHg
नाड़ी दाब
40mmHg
इसका मतलब
93.3 mmHg का औसत धमनी दाब सामान्य दायरे (70–100) में है।
सूत्र
औसत धमनी दाब = डायस्टोलिक + (सिस्टोलिक − डायस्टोलिक) ÷ 3
एक ही माप से कभी तय न करें — कई दिन एक ही समय नापकर औसत लें।
क्या लिखना है
| इनपुट | डिफ़ॉल्ट | स्वीकार्य दायरा |
|---|---|---|
| सिस्टोलिक (mmHg) | 120 | 50 ~ 260 |
| डायस्टोलिक (mmHg) | 80 | 30 ~ 160 |
चरण दर चरण
मान के हिसाब से परिणाम
बाक़ी सब वैसा ही रखकर सिर्फ़ सिस्टोलिक (mmHg) बदलने पर के परिणाम।
| सिस्टोलिक (mmHg) | औसत धमनी दाब (mmHg) | नाड़ी दाब (mmHg) |
|---|---|---|
| 60 | 73.3 | -20 |
| 90 | 83.3 | 10 |
| 120 | 93.3 | 40 |
| 180 | 113.3 | 100 |
| 240 | 133.3 | 160 |
हर परिणाम का मतलब
| परिणाम | डिफ़ॉल्ट मान पर |
|---|---|
| औसत धमनी दाब (mmHg) | 93.3 |
| नाड़ी दाब (mmHg) | 40 |
आम ग़लतियाँ
एक ही माप से कभी तय न करें — कई दिन एक ही समय नापकर औसत लें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. औसत धमनी दाब कैसे निकाला जाता है?
औसत धमनी दाब = डायस्टोलिक + (सिस्टोलिक − डायस्टोलिक) ÷ 3 — दिल हर चक्र का सिर्फ़ एक-तिहाई सिकुड़ने में बिताता है, इसलिए औसत दाब सीधा औसत नहीं बल्कि डायस्टोलिक में नाड़ी दाब का एक-तिहाई जोड़ना है। यह अंगों तक रक्त पहुँचने को दर्शाता है।
Q. एक उदाहरण से समझाइए।
सिस्टोलिक 120mmHg, डायस्टोलिक 80mmHg पर उत्तर औसत धमनी दाब 93.3mmHg है।
Q. क्या-क्या लिखना है?
सिस्टोलिक, डायस्टोलिक लिखें। लिखते ही गणना दोबारा हो जाती है, और ख़ाली खाना शून्य माना जाता है।
Q. कोई अंक बदलूँ तो परिणाम कितना हिलता है?
सिर्फ़ सिस्टोलिक (mmHg) बदलने पर परिणाम सिस्टोलिक (mmHg) 60 → औसत धमनी दाब (mmHg) 73.3 और सिस्टोलिक (mmHg) 240 → औसत धमनी दाब (mmHg) 133.3 हो जाता है। नीचे की सारणी में पाँच चरण दिए हैं।
Q. अंक कहाँ तक गोल किए जाते हैं?
रक़म पूरी इकाई तक, प्रतिशत एक दशमलव तक और बाक़ी दो दशमलव तक दिखाए जाते हैं। दिखने वाला अंक गोल किया हुआ है; गणना बिना गोल किए मान से आगे बढ़ती है।
Q. किस बात का ध्यान रखें?
एक ही माप से कभी तय न करें — कई दिन एक ही समय नापकर औसत लें।
साथ काम आने वाले कैलकुलेटर
ये कैलकुलेटर सेहत के आँकड़े समझने में मदद करते हैं; ये निदान या दवा की जगह नहीं लेते। लक्षण हों तो डॉक्टर को दिखाएँ।