ब्याज पर कर
भारत में FD का ब्याज आपकी स्लैब दर से कर योग्य है, और साल में 40,000 (वरिष्ठों के लिए 50,000) से ऊपर होने पर बैंक 10% TDS काटता है।
आपके अंक
कर बाद ब्याज
846,000
कर
154,000
सूत्र
कर बाद ब्याज = ब्याज × (1 − दर ÷ 100)
दर देश और उत्पाद के हिसाब से बदलती है। जो आप पर लागू है वही डालें, डिफ़ॉल्ट को सही न मान लें।
क्या लिखना है
| इनपुट | डिफ़ॉल्ट | स्वीकार्य दायरा |
|---|---|---|
| ब्याजउस अवधि में कमाया या देना पड़ा ब्याज। | 1,000,000 | 0 या ज़्यादा |
| दर (%)लागू होने वाली दर — आम तौर पर सालाना। | 15.4 | 0 या ज़्यादा |
चरण दर चरण
मान के हिसाब से परिणाम
बाक़ी सब वैसा ही रखकर सिर्फ़ ब्याज बदलने पर के परिणाम।
| ब्याज | कर बाद ब्याज | कर |
|---|---|---|
| 500,000 | 423,000 | 77,000 |
| 750,000 | 634,500 | 115,500 |
| 1,000,000 | 846,000 | 154,000 |
| 1,500,000 | 1,269,000 | 231,000 |
| 2,000,000 | 1,692,000 | 308,000 |
हर परिणाम का मतलब
| परिणाम | डिफ़ॉल्ट मान पर |
|---|---|
| कर बाद ब्याजब्याज पर कर घटाने के बाद जो बचता है। | 846,000 |
| करकाटा या लगाया गया कर, रक़म के रूप में। | 154,000 |
आम ग़लतियाँ
दर देश और उत्पाद के हिसाब से बदलती है। जो आप पर लागू है वही डालें, डिफ़ॉल्ट को सही न मान लें।
शब्दावली
- ब्याज
- उस अवधि में कमाया या देना पड़ा ब्याज।
- दर
- लागू होने वाली दर — आम तौर पर सालाना।
- कर बाद ब्याज
- ब्याज पर कर घटाने के बाद जो बचता है।
- कर
- काटा या लगाया गया कर, रक़म के रूप में।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. ब्याज पर कर कैसे निकाला जाता है?
कर बाद ब्याज = ब्याज × (1 − दर ÷ 100) — भारत में FD का ब्याज आपकी स्लैब दर से कर योग्य है, और साल में 40,000 (वरिष्ठों के लिए 50,000) से ऊपर होने पर बैंक 10% TDS काटता है।
Q. एक उदाहरण से समझाइए।
ब्याज 1,000,000, दर 15.4% पर उत्तर कर बाद ब्याज 846,000 है।
Q. क्या-क्या लिखना है?
ब्याज, दर लिखें। लिखते ही गणना दोबारा हो जाती है, और ख़ाली खाना शून्य माना जाता है।
Q. कोई अंक बदलूँ तो परिणाम कितना हिलता है?
सिर्फ़ ब्याज बदलने पर परिणाम ब्याज 500,000 → कर बाद ब्याज 423,000 और ब्याज 2,000,000 → कर बाद ब्याज 1,692,000 हो जाता है। नीचे की सारणी में पाँच चरण दिए हैं।
Q. अंक कहाँ तक गोल किए जाते हैं?
रक़म पूरी इकाई तक, प्रतिशत एक दशमलव तक और बाक़ी दो दशमलव तक दिखाए जाते हैं। दिखने वाला अंक गोल किया हुआ है; गणना बिना गोल किए मान से आगे बढ़ती है।
Q. किस बात का ध्यान रखें?
दर देश और उत्पाद के हिसाब से बदलती है। जो आप पर लागू है वही डालें, डिफ़ॉल्ट को सही न मान लें।
साथ काम आने वाले कैलकुलेटर
कर की दरें और ब्याज गिनने का तरीक़ा देश और उत्पाद के हिसाब से बदलता है — असली लेन-देन में अपना अनुबंध देखें।