किस्त से कर्ज़ की सीमा

यह समान किस्त वाला सूत्र मूलधन के लिए हल किया गया है। 4.5% पर बीस साल तक हर महीने 80,000 देने पर लगभग 1.26 करोड़ का कर्ज़ सँभलता है।

आपके अंक

कर्ज़ की सीमा

126,452,349

कुल भुगतान

192,000,000

ब्याज

65,547,651

सूत्र

कर्ज़ की सीमा = सँभल सकने वाली किस्त × ((1 + वार्षिक दर ÷ 1200) ^ (वर्ष × 12) − 1) ÷ ((वार्षिक दर ÷ 1200) × (1 + वार्षिक दर ÷ 1200) ^ (वर्ष × 12))

दर ऊँची होते ही उतनी ही किस्त पर मिलने वाला कर्ज़ काफ़ी घट जाता है। दर बदलती हो तो दो अंक जोड़कर दोबारा गिनें।

क्या लिखना है

इनपुटडिफ़ॉल्टस्वीकार्य दायरा
सँभल सकने वाली किस्तहर महीने बिना दिक़्क़त कितना दे सकते हैं।800,0000 या ज़्यादा
वार्षिक दर (%)सालाना बताई गई ब्याज दर; मासिक दर इसे 12 से भाग देने पर मिलती है।4.50 ~ 30
वर्ष (वर्ष)पैसा कितने साल पड़ा रहता है; यह जितना बड़ा, चक्रवृद्धि उतनी ज़्यादा काटती है।201 ~ 50

चरण दर चरण

सूत्रकर्ज़ की सीमा = सँभल सकने वाली किस्त × ((1 + वार्षिक दर ÷ 1200) ^ (वर्ष × 12) − 1) ÷ ((वार्षिक दर ÷ 1200) × (1 + वार्षिक दर ÷ 1200) ^ (वर्ष × 12))
डिफ़ॉल्ट मान रखने परकर्ज़ की सीमा = 800,000 × ((1 + 4.5 ÷ 1200) ^ (20 × 12) − 1) ÷ ((4.5 ÷ 1200) × (1 + 4.5 ÷ 1200) ^ (20 × 12))
उत्तरकर्ज़ की सीमा = 126,452,349

मान के हिसाब से परिणाम

बाक़ी सब वैसा ही रखकर सिर्फ़ सँभल सकने वाली किस्त बदलने पर के परिणाम।

सँभल सकने वाली किस्तकर्ज़ की सीमाकुल भुगतानब्याज
400,00063,226,17596,000,00032,773,825
600,00094,839,262144,000,00049,160,738
800,000126,452,349192,000,00065,547,651
1,200,000189,678,524288,000,00098,321,476
1,600,000252,904,699384,000,000131,095,301

हर परिणाम का मतलब

परिणामडिफ़ॉल्ट मान पर
कर्ज़ की सीमाउस मासिक किस्त से जितना मूलधन सँभल सकता है।126,452,349
कुल भुगतानआख़िरी किस्त तक जो सब गया — मूलधन और ब्याज।192,000,000
ब्याजउस अवधि में कमाया या देना पड़ा ब्याज।65,547,651

आम ग़लतियाँ

दर ऊँची होते ही उतनी ही किस्त पर मिलने वाला कर्ज़ काफ़ी घट जाता है। दर बदलती हो तो दो अंक जोड़कर दोबारा गिनें।

शब्दावली

सँभल सकने वाली किस्त
हर महीने बिना दिक़्क़त कितना दे सकते हैं।
वार्षिक दर
सालाना बताई गई ब्याज दर; मासिक दर इसे 12 से भाग देने पर मिलती है।
वर्ष
पैसा कितने साल पड़ा रहता है; यह जितना बड़ा, चक्रवृद्धि उतनी ज़्यादा काटती है।
कर्ज़ की सीमा
उस मासिक किस्त से जितना मूलधन सँभल सकता है।
कुल भुगतान
आख़िरी किस्त तक जो सब गया — मूलधन और ब्याज।
ब्याज
उस अवधि में कमाया या देना पड़ा ब्याज।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. किस्त से कर्ज़ की सीमा कैसे निकाला जाता है?

कर्ज़ की सीमा = सँभल सकने वाली किस्त × ((1 + वार्षिक दर ÷ 1200) ^ (वर्ष × 12) − 1) ÷ ((वार्षिक दर ÷ 1200) × (1 + वार्षिक दर ÷ 1200) ^ (वर्ष × 12)) — यह समान किस्त वाला सूत्र मूलधन के लिए हल किया गया है। 4.5% पर बीस साल तक हर महीने 80,000 देने पर लगभग 1.26 करोड़ का कर्ज़ सँभलता है।

Q. एक उदाहरण से समझाइए।

सँभल सकने वाली किस्त 800,000, वार्षिक दर 4.5%, वर्ष 20वर्ष पर उत्तर कर्ज़ की सीमा 126,452,349 है।

Q. क्या-क्या लिखना है?

सँभल सकने वाली किस्त, वार्षिक दर, वर्ष लिखें। लिखते ही गणना दोबारा हो जाती है, और ख़ाली खाना शून्य माना जाता है।

Q. कोई अंक बदलूँ तो परिणाम कितना हिलता है?

सिर्फ़ सँभल सकने वाली किस्त बदलने पर परिणाम सँभल सकने वाली किस्त 400,000 → कर्ज़ की सीमा 63,226,175 और सँभल सकने वाली किस्त 1,600,000 → कर्ज़ की सीमा 252,904,699 हो जाता है। नीचे की सारणी में पाँच चरण दिए हैं।

Q. अंक कहाँ तक गोल किए जाते हैं?

रक़म पूरी इकाई तक, प्रतिशत एक दशमलव तक और बाक़ी दो दशमलव तक दिखाए जाते हैं। दिखने वाला अंक गोल किया हुआ है; गणना बिना गोल किए मान से आगे बढ़ती है।

Q. किस बात का ध्यान रखें?

दर ऊँची होते ही उतनी ही किस्त पर मिलने वाला कर्ज़ काफ़ी घट जाता है। दर बदलती हो तो दो अंक जोड़कर दोबारा गिनें।

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