HbA1c से औसत शर्करा

HbA1c उस हीमोग्लोबिन का हिस्सा है जिस पर ग्लूकोज़ चिपका है, इसलिए यह लाल रक्त कणों के जीवनकाल का औसत दिखाता है। 6.5% या ऊपर मधुमेह की सीमा है।

आपके अंक

औसत शर्करा

140mg/dL

mmol/L

7.77mmol/L

इसका मतलब

6.5% की HbA1c मधुमेह की सीमा पर या ऊपर है।

सूत्र

औसत शर्करा = 28.7 × HbA1c (%) − 46.7

ख़ून की कमी और गुर्दे की बीमारी में HbA1c असली शर्करा से मेल नहीं खा सकता।

क्या लिखना है

इनपुटडिफ़ॉल्टस्वीकार्य दायरा
HbA1c (%) (%)पिछले दो-तीन महीनों की औसत रक्त शर्करा।6.53 ~ 20

चरण दर चरण

सूत्रऔसत शर्करा = 28.7 × HbA1c (%) − 46.7
डिफ़ॉल्ट मान रखने परऔसत शर्करा = 28.7 × 6.5 − 46.7
उत्तरऔसत शर्करा = 140 mg/dL

मान के हिसाब से परिणाम

बाक़ी सब वैसा ही रखकर सिर्फ़ HbA1c (%) (%) बदलने पर के परिणाम।

HbA1c (%) (%)औसत शर्करा (mg/dL)mmol/L (mmol/L)
3.25472.59
4.88935.19
6.51407.77
9.7523312.95
1332618.13

हर परिणाम का मतलब

परिणामडिफ़ॉल्ट मान पर
औसत शर्करा (mg/dL)140
mmol/L (mmol/L)7.77

आम ग़लतियाँ

ख़ून की कमी और गुर्दे की बीमारी में HbA1c असली शर्करा से मेल नहीं खा सकता।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. HbA1c से औसत शर्करा कैसे निकाला जाता है?

औसत शर्करा = 28.7 × HbA1c (%) − 46.7 — HbA1c उस हीमोग्लोबिन का हिस्सा है जिस पर ग्लूकोज़ चिपका है, इसलिए यह लाल रक्त कणों के जीवनकाल का औसत दिखाता है। 6.5% या ऊपर मधुमेह की सीमा है।

Q. एक उदाहरण से समझाइए।

HbA1c (%) 6.5% पर उत्तर औसत शर्करा 140mg/dL है।

Q. क्या-क्या लिखना है?

HbA1c (%) लिखें। लिखते ही गणना दोबारा हो जाती है, और ख़ाली खाना शून्य माना जाता है।

Q. कोई अंक बदलूँ तो परिणाम कितना हिलता है?

सिर्फ़ HbA1c (%) (%) बदलने पर परिणाम HbA1c (%) (%) 3.25 → औसत शर्करा (mg/dL) 47 और HbA1c (%) (%) 13 → औसत शर्करा (mg/dL) 326 हो जाता है। नीचे की सारणी में पाँच चरण दिए हैं।

Q. अंक कहाँ तक गोल किए जाते हैं?

रक़म पूरी इकाई तक, प्रतिशत एक दशमलव तक और बाक़ी दो दशमलव तक दिखाए जाते हैं। दिखने वाला अंक गोल किया हुआ है; गणना बिना गोल किए मान से आगे बढ़ती है।

Q. किस बात का ध्यान रखें?

ख़ून की कमी और गुर्दे की बीमारी में HbA1c असली शर्करा से मेल नहीं खा सकता।

साथ काम आने वाले कैलकुलेटर

ये कैलकुलेटर सेहत के आँकड़े समझने में मदद करते हैं; ये निदान या दवा की जगह नहीं लेते। लक्षण हों तो डॉक्टर को दिखाएँ।