HbA1c इकाई बदलें (% ↔ IFCC)

यह एक ही जाँच है, बस इकाई अलग: अमेरिका, कोरिया और जापान प्रतिशत (NGSP) लिखते हैं जबकि यूरोप का बड़ा हिस्सा mmol/mol (IFCC)। 6.5% यानी 48 mmol/mol। अनुमानित औसत शर्करा भी दी है।

आपके अंक

IFCC (mmol/mol)

47.5mmol/mol

औसत शर्करा

139.8mg/dL

mmol/L

7.77mmol/L

सूत्र

IFCC (mmol/mol) = (HbA1c (%) − 2.15) × 10.929

दोनों इकाइयाँ रैखिक संबंध में हैं, इसलिए बदलाव बिलकुल सटीक है। पर अनुमानित औसत शर्करा सांख्यिकीय है और व्यक्ति दर व्यक्ति बदलती है।

क्या लिखना है

इनपुटडिफ़ॉल्टस्वीकार्य दायरा
HbA1c (%) (%)पिछले दो-तीन महीनों की औसत रक्त शर्करा।6.53 ~ 20

चरण दर चरण

सूत्रIFCC (mmol/mol) = (HbA1c (%) − 2.15) × 10.929
डिफ़ॉल्ट मान रखने परIFCC (mmol/mol) = (6.5 − 2.15) × 10.929
उत्तरIFCC (mmol/mol) = 47.5 mmol/mol

मान के हिसाब से परिणाम

बाक़ी सब वैसा ही रखकर सिर्फ़ HbA1c (%) (%) बदलने पर के परिणाम।

HbA1c (%) (%)IFCC (mmol/mol) (mmol/mol)औसत शर्करा (mg/dL)mmol/L (mmol/L)
3.251246.62.59
4.8829.893.45.19
6.547.5139.87.77
9.7583.1233.112.95
13118.6326.418.13

हर परिणाम का मतलब

परिणामडिफ़ॉल्ट मान पर
IFCC (mmol/mol) (mmol/mol)47.5
औसत शर्करा (mg/dL)139.8
mmol/L (mmol/L)7.77

आम ग़लतियाँ

दोनों इकाइयाँ रैखिक संबंध में हैं, इसलिए बदलाव बिलकुल सटीक है। पर अनुमानित औसत शर्करा सांख्यिकीय है और व्यक्ति दर व्यक्ति बदलती है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. HbA1c इकाई बदलें (% ↔ IFCC) कैसे निकाला जाता है?

IFCC (mmol/mol) = (HbA1c (%) − 2.15) × 10.929 — यह एक ही जाँच है, बस इकाई अलग: अमेरिका, कोरिया और जापान प्रतिशत (NGSP) लिखते हैं जबकि यूरोप का बड़ा हिस्सा mmol/mol (IFCC)। 6.5% यानी 48 mmol/mol। अनुमानित औसत शर्करा भी दी है।

Q. एक उदाहरण से समझाइए।

HbA1c (%) 6.5% पर उत्तर IFCC (mmol/mol) 47.5mmol/mol है।

Q. क्या-क्या लिखना है?

HbA1c (%) लिखें। लिखते ही गणना दोबारा हो जाती है, और ख़ाली खाना शून्य माना जाता है।

Q. कोई अंक बदलूँ तो परिणाम कितना हिलता है?

सिर्फ़ HbA1c (%) (%) बदलने पर परिणाम HbA1c (%) (%) 3.25 → IFCC (mmol/mol) (mmol/mol) 12 और HbA1c (%) (%) 13 → IFCC (mmol/mol) (mmol/mol) 118.6 हो जाता है। नीचे की सारणी में पाँच चरण दिए हैं।

Q. अंक कहाँ तक गोल किए जाते हैं?

रक़म पूरी इकाई तक, प्रतिशत एक दशमलव तक और बाक़ी दो दशमलव तक दिखाए जाते हैं। दिखने वाला अंक गोल किया हुआ है; गणना बिना गोल किए मान से आगे बढ़ती है।

Q. किस बात का ध्यान रखें?

दोनों इकाइयाँ रैखिक संबंध में हैं, इसलिए बदलाव बिलकुल सटीक है। पर अनुमानित औसत शर्करा सांख्यिकीय है और व्यक्ति दर व्यक्ति बदलती है।

साथ काम आने वाले कैलकुलेटर

ये कैलकुलेटर सेहत के आँकड़े समझने में मदद करते हैं; ये निदान या दवा की जगह नहीं लेते। लक्षण हों तो डॉक्टर को दिखाएँ।