जूते का साइज़ नहीं, नंगे पैर की लंबाई डालिए
भारतीय साइज़ UK पैमाने पर चलते हैं
भारत में दुकानों पर लिखा 8 या 9 लगभग हमेशा UK साइज़ होता है। 27 सेमी लंबे पैर के लिए यह क़रीब UK 8 बैठता है — वही पैर US पुरुष 9 और EU 43 के आसपास। हर प्रणाली जूते के साँचे (लास्ट) को अपने पैमाने से गिनती है, पर सबमें साझा चीज़ एक ही है: पैर की लंबाई। इसीलिए यह कन्वर्टर सिर्फ़ वही पूछता है।
खड़े होकर, दीवार से सटाकर नापिए
दीवार से सटाकर काग़ज़ बिछाइए, एड़ी दीवार से लगाकर खड़े होइए और सबसे लंबी उंगली के सिरे पर निशान लगाइए। बैठकर नापने से लंबाई कम आती है। बहुत लोगों के दोनों पैर बराबर नहीं होते — दोनों नापकर लंबे वाले के हिसाब से चलिए।
पैर से 5–10 मिमी लंबा जूता लीजिए
चलते समय पैर आगे खिसकता है, इसलिए पैर के बराबर जूते में उंगलियाँ टकराती हैं। स्नीकर्स में 5–10 मिमी और दौड़ने के जूतों में क़रीब 10 मिमी गुंजाइश ठीक रहती है; फ़ॉर्मल जूते कुछ कसे पहने जाते हैं। नीचे हरा सुझाव इसी वजह से क़रीब 7 मिमी जोड़ता है।
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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. एक ही साइज़ हर ब्रांड में अलग क्यों बैठता है?
साइज़ दरअसल लास्ट (जूते का साँचा) बताता है, और हर ब्रांड अपना साँचा बनाती है। दो "8" की भीतरी लंबाई आधे साइज़ तक अलग हो सकती है, और चौड़ाई तो अक्सर लिखी ही नहीं होती। तालिका को शुरुआत मानिए और हो सके तो पहनकर देखिए।
Q. शाम को क्यों नापें?
दिन भर में पैर थोड़ा लंबा-चौड़ा हो जाता है: घंटों खड़े रहने या चलने से भार और पानी रुकने की वजह से कुछ मिलीमीटर बढ़ते हैं। सुबह नापकर ख़रीदा जूता शाम को कसने लगता है — जब पैर सबसे बड़ा हो, तभी नापिए।
Q. दो साइज़ के बीच फँसें तो ऊपर जाएँ या नीचे?
स्नीकर्स और मोटे मोज़े वाले जूतों के लिए ऊपर जाइए — आधे साइज़ की क़ीमत बस थोड़ी ढील है। नीचे जाना सिर्फ़ उन जूतों में समझदारी है जो कसकर पहनने के लिए बने हैं, जैसे क्लाइम्बिंग या साइक्लिंग शूज़।