अधिकतम हृदय गति (तनाका)
«220 घटा उम्र» 1970 के दशक का बिना आँकड़ों वाला अंदाज़ा था; जवानों में ऊँचा और बुज़ुर्गों में नीचा आता है। तनाका का 208 − 0.7 × उम्र मापों पर बैठाया गया है और चालीस के बाद कहीं बेहतर टिकता है।
आपके अंक
अधिकतम हृदय गति
177bpm
अंतर
2bpm
ज़ोन की ऊपरी सीमा
150bpm
सूत्र
अधिकतम हृदय गति = 208 − 0.7 × उम्र
हर सूत्र में लगभग ±10 धड़कन का व्यक्तिगत फ़र्क़ रहता है। असली अंक व्यायाम परीक्षण से ही मिलता है।
क्या लिखना है
| इनपुट | डिफ़ॉल्ट | स्वीकार्य दायरा |
|---|---|---|
| उम्र | 45 | 15 ~ 100 |
चरण दर चरण
मान के हिसाब से परिणाम
बाक़ी सब वैसा ही रखकर सिर्फ़ उम्र बदलने पर के परिणाम।
| उम्र | अधिकतम हृदय गति (bpm) | अंतर (bpm) | ज़ोन की ऊपरी सीमा (bpm) |
|---|---|---|---|
| 22.5 | 192 | -5 | 163 |
| 33.8 | 184 | -2 | 157 |
| 45 | 177 | 2 | 150 |
| 67.5 | 161 | 8 | 137 |
| 90 | 145 | 15 | 123 |
हर परिणाम का मतलब
| परिणाम | डिफ़ॉल्ट मान पर |
|---|---|
| अधिकतम हृदय गति (bpm) | 177 |
| अंतर (bpm)दो मानों के बीच का फ़ासला — मात्रा, दर नहीं। | 2 |
| ज़ोन की ऊपरी सीमा (bpm) | 150 |
आम ग़लतियाँ
हर सूत्र में लगभग ±10 धड़कन का व्यक्तिगत फ़र्क़ रहता है। असली अंक व्यायाम परीक्षण से ही मिलता है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Qअधिकतम हृदय गति (तनाका) कैसे निकाला जाता है?
अधिकतम हृदय गति = 208 − 0.7 × उम्र — «220 घटा उम्र» 1970 के दशक का बिना आँकड़ों वाला अंदाज़ा था; जवानों में ऊँचा और बुज़ुर्गों में नीचा आता है। तनाका का 208 − 0.7 × उम्र मापों पर बैठाया गया है और चालीस के बाद कहीं बेहतर टिकता है।
Qएक उदाहरण से समझाइए।
उम्र 45 पर उत्तर अधिकतम हृदय गति 177bpm है।
Qक्या-क्या लिखना है?
उम्र लिखें। लिखते ही गणना दोबारा हो जाती है, और ख़ाली खाना शून्य माना जाता है।
Qकोई अंक बदलूँ तो परिणाम कितना हिलता है?
सिर्फ़ उम्र बदलने पर परिणाम उम्र 22.5 → अधिकतम हृदय गति (bpm) 192 और उम्र 90 → अधिकतम हृदय गति (bpm) 145 हो जाता है। नीचे की सारणी में पाँच चरण दिए हैं।
Qअंक कहाँ तक गोल किए जाते हैं?
रक़म पूरी इकाई तक, प्रतिशत एक दशमलव तक और बाक़ी दो दशमलव तक दिखाए जाते हैं। दिखने वाला अंक गोल किया हुआ है; गणना बिना गोल किए मान से आगे बढ़ती है।
Qकिस बात का ध्यान रखें?
हर सूत्र में लगभग ±10 धड़कन का व्यक्तिगत फ़र्क़ रहता है। असली अंक व्यायाम परीक्षण से ही मिलता है।
साथ काम आने वाले कैलकुलेटर
ये कैलकुलेटर सेहत के आँकड़े समझने में मदद करते हैं; ये निदान या दवा की जगह नहीं लेते। लक्षण हों तो डॉक्टर को दिखाएँ।