रोइंग का 500 मी स्प्लिट

रोइंग में गति 500 मीटर तय करने के समय से बताई जाती है। आठ मिनट में दो हज़ार मीटर यानी 2:00 का स्प्लिट। कम यानी तेज़, ठीक दौड़ के पेस की तरह।

आपके अंक

500 मी स्प्लिट

120से

पेस

2मिनट

सेकंड

0से

गति (किमी/घं)

15किमी

सूत्र

500 मी स्प्लिट = समय (से) ÷ दूरी (मी) × 500

ड्रैग फ़ैक्टर मशीन दर मशीन बदलता है, इसलिए एक ही मेहनत पर स्प्लिट अलग आता है। समय जोड़ने से पहले फ़ैक्टर मिला लें।

क्या लिखना है

इनपुटडिफ़ॉल्टस्वीकार्य दायरा
दूरी (मी) (मी)2,000100 या ज़्यादा
समय (से) (से)48010 या ज़्यादा

चरण दर चरण

सूत्र500 मी स्प्लिट = समय (से) ÷ दूरी (मी) × 500
डिफ़ॉल्ट मान रखने पर500 मी स्प्लिट = 480 ÷ 2,000 × 500
उत्तर500 मी स्प्लिट = 120 से

मान के हिसाब से परिणाम

बाक़ी सब वैसा ही रखकर सिर्फ़ दूरी (मी) (मी) बदलने पर के परिणाम।

दूरी (मी) (मी)500 मी स्प्लिट (से)पेस (मिनट)सेकंड (से)
1,00024040
1,500160240
2,00012020
3,00080120
4,0006010

हर परिणाम का मतलब

परिणामडिफ़ॉल्ट मान पर
500 मी स्प्लिट (से)120
पेस (मिनट)2
सेकंड (से)0
गति (किमी/घं) (किमी)15

आम ग़लतियाँ

ड्रैग फ़ैक्टर मशीन दर मशीन बदलता है, इसलिए एक ही मेहनत पर स्प्लिट अलग आता है। समय जोड़ने से पहले फ़ैक्टर मिला लें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. रोइंग का 500 मी स्प्लिट कैसे निकाला जाता है?

500 मी स्प्लिट = समय (से) ÷ दूरी (मी) × 500 — रोइंग में गति 500 मीटर तय करने के समय से बताई जाती है। आठ मिनट में दो हज़ार मीटर यानी 2:00 का स्प्लिट। कम यानी तेज़, ठीक दौड़ के पेस की तरह।

Q. एक उदाहरण से समझाइए।

दूरी (मी) 2,000मी, समय (से) 480से पर उत्तर 500 मी स्प्लिट 120से है।

Q. क्या-क्या लिखना है?

दूरी (मी), समय (से) लिखें। लिखते ही गणना दोबारा हो जाती है, और ख़ाली खाना शून्य माना जाता है।

Q. कोई अंक बदलूँ तो परिणाम कितना हिलता है?

सिर्फ़ दूरी (मी) (मी) बदलने पर परिणाम दूरी (मी) (मी) 1,000 → 500 मी स्प्लिट (से) 240 और दूरी (मी) (मी) 4,000 → 500 मी स्प्लिट (से) 60 हो जाता है। नीचे की सारणी में पाँच चरण दिए हैं।

Q. अंक कहाँ तक गोल किए जाते हैं?

रक़म पूरी इकाई तक, प्रतिशत एक दशमलव तक और बाक़ी दो दशमलव तक दिखाए जाते हैं। दिखने वाला अंक गोल किया हुआ है; गणना बिना गोल किए मान से आगे बढ़ती है।

Q. किस बात का ध्यान रखें?

ड्रैग फ़ैक्टर मशीन दर मशीन बदलता है, इसलिए एक ही मेहनत पर स्प्लिट अलग आता है। समय जोड़ने से पहले फ़ैक्टर मिला लें।

साथ काम आने वाले कैलकुलेटर

ये कैलकुलेटर सेहत के आँकड़े समझने में मदद करते हैं; ये निदान या दवा की जगह नहीं लेते। लक्षण हों तो डॉक्टर को दिखाएँ।