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दो बिंदुओं के बीच दिक्मान

दिक्मान उत्तर को शून्य मानकर घड़ी की दिशा में नापा जाता है। atan2 का इस्तेमाल करने पर चतुर्थांश अलग-अलग जाँचे बिना 0–360° का मान मिल जाता है। लौटने का उलटा दिक्मान भी साथ दिखाया गया है।

आपके अंक

दिक्मान

29.74°

दूरी

80.623

कोण (°)

209.74°

इसका मतलब

29.74° का दिक्मान उत्तर-पूर्व की ओर है; लौटने का दिक्मान 209.74° होगा।

सूत्र

दिक्मान = atan2(x₂ − x₁, y₂ − y₁)

यहाँ y उत्तर है और x पूर्व। अक्षांश-देशांतर के लिए पृथ्वी की गोलाई के कारण महावृत्त वाला सूत्र चाहिए होता है।

क्या लिखना है

इनपुटडिफ़ॉल्टस्वीकार्य दायरा
x₁पहले बिंदु का क्षैतिज निर्देशांक।0कोई सीमा नहीं
y₁पहले बिंदु का ऊर्ध्व निर्देशांक।0कोई सीमा नहीं
x₂दूसरे बिंदु का क्षैतिज निर्देशांक।40कोई सीमा नहीं
y₂दूसरे बिंदु का ऊर्ध्व निर्देशांक।70कोई सीमा नहीं

चरण दर चरण

सूत्रदिक्मान = atan2(x₂ − x₁, y₂ − y₁)
डिफ़ॉल्ट मान रखने परदिक्मान = atan2(40 − 0, 70 − 0)
उत्तरदिक्मान = 29.74 °

मान के हिसाब से परिणाम

बाक़ी सब वैसा ही रखकर सिर्फ़ x₂ बदलने पर के परिणाम।

x₂दिक्मान (°)दूरीकोण (°) (°)
2015.9572.801195.95
3023.276.158203.2
4029.7480.623209.74
6040.692.195220.6
8048.81106.301228.81

हर परिणाम का मतलब

परिणामडिफ़ॉल्ट मान पर
दिक्मान (°)उत्तर को शून्य मानकर घड़ी की दिशा में नापा गया कोण।29.74
दूरीदो बिंदुओं के बीच सीधी रेखा की दूरी।80.623
कोण (°) (°)डिग्री में कोण; पूरा चक्कर 360° का होता है।209.74

आम ग़लतियाँ

यहाँ y उत्तर है और x पूर्व। अक्षांश-देशांतर के लिए पृथ्वी की गोलाई के कारण महावृत्त वाला सूत्र चाहिए होता है।

शब्दावली

x₁
पहले बिंदु का क्षैतिज निर्देशांक।
y₁
पहले बिंदु का ऊर्ध्व निर्देशांक।
x₂
दूसरे बिंदु का क्षैतिज निर्देशांक।
y₂
दूसरे बिंदु का ऊर्ध्व निर्देशांक।
दिक्मान
उत्तर को शून्य मानकर घड़ी की दिशा में नापा गया कोण।
दूरी
दो बिंदुओं के बीच सीधी रेखा की दूरी।
कोण (°)
डिग्री में कोण; पूरा चक्कर 360° का होता है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. दो बिंदुओं के बीच दिक्मान कैसे निकाला जाता है?

दिक्मान = atan2(x₂ − x₁, y₂ − y₁) — दिक्मान उत्तर को शून्य मानकर घड़ी की दिशा में नापा जाता है। atan2 का इस्तेमाल करने पर चतुर्थांश अलग-अलग जाँचे बिना 0–360° का मान मिल जाता है। लौटने का उलटा दिक्मान भी साथ दिखाया गया है।

Q. एक उदाहरण से समझाइए।

x₁ 0, y₁ 0, x₂ 40, y₂ 70 पर उत्तर दिक्मान 29.74° है।

Q. क्या-क्या लिखना है?

x₁, y₁, x₂, y₂ लिखें। लिखते ही गणना दोबारा हो जाती है, और ख़ाली खाना शून्य माना जाता है।

Q. कोई अंक बदलूँ तो परिणाम कितना हिलता है?

सिर्फ़ x₂ बदलने पर परिणाम x₂ 20 → दिक्मान (°) 15.95 और x₂ 80 → दिक्मान (°) 48.81 हो जाता है। नीचे की सारणी में पाँच चरण दिए हैं।

Q. अंक कहाँ तक गोल किए जाते हैं?

रक़म पूरी इकाई तक, प्रतिशत एक दशमलव तक और बाक़ी दो दशमलव तक दिखाए जाते हैं। दिखने वाला अंक गोल किया हुआ है; गणना बिना गोल किए मान से आगे बढ़ती है।

Q. किस बात का ध्यान रखें?

यहाँ y उत्तर है और x पूर्व। अक्षांश-देशांतर के लिए पृथ्वी की गोलाई के कारण महावृत्त वाला सूत्र चाहिए होता है।

साथ काम आने वाले कैलकुलेटर

सभी खानों में लंबाई की इकाई एक जैसी रखें — सेंटीमीटर और मीटर मिला देने पर नतीजा बहुत दूर चला जाता है।