ज्या नियम
किसी भी त्रिभुज में भुजा और उसके सामने वाले कोण की ज्या का अनुपात स्थिर रहता है, और वही अनुपात परिवृत्त के व्यास के बराबर होता है। इसलिए एक भुजा और उसका सामने वाला कोण पूरे त्रिभुज को तय कर देते हैं, और तीसरा कोण 180° के जोड़ से निकल आता है।
आपके अंक
भुजा b
14.1सेमी
भुजा c
15.027सेमी
कोण C
75°
परिवृत्त त्रिज्या
7.779सेमी
सूत्र
भुजा b = भुजा a × sin कोण B ÷ sin कोण A
दो भुजाएँ और बीच में न पड़ने वाला कोण दो अलग त्रिभुज दे सकते हैं। यहाँ की तरह एक भुजा और दो कोण लेने पर यह दुविधा नहीं आती।
क्या लिखना है
| इनपुट | डिफ़ॉल्ट | स्वीकार्य दायरा |
|---|---|---|
| भुजा a (सेमी)पहली भुजा की लंबाई। | 10 | 0.01 या ज़्यादा |
| कोण A (°)भुजा a के सामने वाला कोण। | 40 | 0.1 ~ 179 |
| कोण B (°)भुजा b के सामने वाला कोण। | 65 | 0.1 ~ 179 |
चरण दर चरण
मान के हिसाब से परिणाम
बाक़ी सब वैसा ही रखकर सिर्फ़ भुजा a (सेमी) बदलने पर के परिणाम।
| भुजा a (सेमी) | भुजा b (सेमी) | भुजा c (सेमी) | कोण C (°) |
|---|---|---|---|
| 5 | 7.05 | 7.514 | 75 |
| 7.5 | 10.575 | 11.27 | 75 |
| 10 | 14.1 | 15.027 | 75 |
| 15 | 21.149 | 22.541 | 75 |
| 20 | 28.199 | 30.054 | 75 |
हर परिणाम का मतलब
| परिणाम | डिफ़ॉल्ट मान पर |
|---|---|
| भुजा b (सेमी)दूसरी भुजा की लंबाई। | 14.1 |
| भुजा c (सेमी)तीसरी भुजा; यह बाक़ी दोनों के जोड़ से कम होनी चाहिए। | 15.027 |
| कोण C (°)भुजा c के सामने वाला कोण; तीनों मिलकर 180° बनते हैं। | 75 |
| परिवृत्त त्रिज्या (सेमी)सभी शीर्षों से गुज़रकर आकृति को घेरने वाले वृत्त की त्रिज्या। | 7.779 |
आम ग़लतियाँ
दो भुजाएँ और बीच में न पड़ने वाला कोण दो अलग त्रिभुज दे सकते हैं। यहाँ की तरह एक भुजा और दो कोण लेने पर यह दुविधा नहीं आती।
शब्दावली
- भुजा a
- पहली भुजा की लंबाई।
- कोण A
- भुजा a के सामने वाला कोण।
- कोण B
- भुजा b के सामने वाला कोण।
- भुजा b
- दूसरी भुजा की लंबाई।
- भुजा c
- तीसरी भुजा; यह बाक़ी दोनों के जोड़ से कम होनी चाहिए।
- कोण C
- भुजा c के सामने वाला कोण; तीनों मिलकर 180° बनते हैं।
- परिवृत्त त्रिज्या
- सभी शीर्षों से गुज़रकर आकृति को घेरने वाले वृत्त की त्रिज्या।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. ज्या नियम कैसे निकाला जाता है?
भुजा b = भुजा a × sin कोण B ÷ sin कोण A — किसी भी त्रिभुज में भुजा और उसके सामने वाले कोण की ज्या का अनुपात स्थिर रहता है, और वही अनुपात परिवृत्त के व्यास के बराबर होता है। इसलिए एक भुजा और उसका सामने वाला कोण पूरे त्रिभुज को तय कर देते हैं, और तीसरा कोण 180° के जोड़ से निकल आता है।
Q. एक उदाहरण से समझाइए।
भुजा a 10सेमी, कोण A 40°, कोण B 65° पर उत्तर भुजा b 14.1सेमी है।
Q. क्या-क्या लिखना है?
भुजा a, कोण A, कोण B लिखें। लिखते ही गणना दोबारा हो जाती है, और ख़ाली खाना शून्य माना जाता है।
Q. कोई अंक बदलूँ तो परिणाम कितना हिलता है?
सिर्फ़ भुजा a (सेमी) बदलने पर परिणाम भुजा a (सेमी) 5 → भुजा b (सेमी) 7.05 और भुजा a (सेमी) 20 → भुजा b (सेमी) 28.199 हो जाता है। नीचे की सारणी में पाँच चरण दिए हैं।
Q. अंक कहाँ तक गोल किए जाते हैं?
रक़म पूरी इकाई तक, प्रतिशत एक दशमलव तक और बाक़ी दो दशमलव तक दिखाए जाते हैं। दिखने वाला अंक गोल किया हुआ है; गणना बिना गोल किए मान से आगे बढ़ती है।
Q. किस बात का ध्यान रखें?
दो भुजाएँ और बीच में न पड़ने वाला कोण दो अलग त्रिभुज दे सकते हैं। यहाँ की तरह एक भुजा और दो कोण लेने पर यह दुविधा नहीं आती।
साथ काम आने वाले कैलकुलेटर
सभी खानों में लंबाई की इकाई एक जैसी रखें — सेंटीमीटर और मीटर मिला देने पर नतीजा बहुत दूर चला जाता है।