मेइजी (明治) 45 — 1912
45 + 1867 = पश्चिमी वर्ष 1912। इस वर्ष पर दो युग नाम हैं।
- पश्चिमी वर्ष
- 1912
- युग
- मेइजी (明治)
- जोड़ने की संख्या
- +1867
- अवधि
- 1868-01-25 – 1912-07-30
- उसी वर्ष का दूसरा युग
- ताइशो (大正) 1
वही पश्चिमी वर्ष
मेइजी से ताइशो और ताइशो से शोवा में **उसी दिन** बदलाव हुआ, इसलिए एक ही दिन दोनों युगों का है — 30 जुलाई 1912 एक साथ मेइजी 45-07-30 और ताइशो 1-07-30 है। शोवा से हेइसेइ और हेइसेइ से रेइवा में **अगले दिन** बदला: शोवा 64 सात जनवरी को ख़त्म होता है और हेइसेइ 1 आठ को शुरू।
रूपांतरण बस एक जोड़ है
हर युग के लिए जोड़ने की एक निश्चित संख्या है: मेइजी 1867, ताइशो 1911, शोवा 1925, हेइसेइ 1988, रेइवा 2018। रेइवा 6 यानी 6 + 2018 = 2024। संख्याएँ इसलिए अलग हैं कि युग अलग-अलग वर्षों में शुरू हुए, नियम अलग नहीं — हर युग में पहला वर्ष उसी वर्ष पर पड़ता है जब वह शुरू हुआ।
आगे-पीछे के वर्ष
इसी युग के अन्य वर्ष
बदलाव का वर्ष दोनों नाम रखता है
1912 मेइजी 45 भी है और ताइशो 1 भी; 1926 ताइशो 15 और शोवा 1; 1989 शोवा 64 और हेइसेइ 1; 2019 हेइसेइ 31 और रेइवा 1। चारों में कोई भी लेबल ग़लत नहीं — वर्ष के भीतर की तारीख़ ही तय करती है कि कौन सा युग लागू है।
कैसे पढ़ें
- पश्चिमी वर्ष = युग वर्ष + एक निश्चित संख्या (मेइजी 1867, ताइशो 1911, शोवा 1925, हेइसेइ 1988, रेइवा 2018)।
- पहला वर्ष 元年 (गन्नेन) लिखा जाता है, 1 नहीं।
- बदलाव वाले वर्ष पर दो युग नाम होते हैं; तारीख़ ही तय करती है।
- मेइजी और ताइशो उसी दिन शुरू हुए जिस दिन पिछला युग ख़त्म हुआ; शोवा से आगे अगले दिन।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. मेइजी (明治) 45 कौन सा पश्चिमी वर्ष है?
1912 — युग वर्ष में 1867 जोड़कर।
Q. यह युग कब से कब तक रहा?
1868-01-25 से 1912-07-30 तक। इसका अंतिम वर्ष 45 है।
Q. क्या इस वर्ष कोई दूसरा युग भी है?
हाँ — 1912 ताइशो (大正) 1 भी है। बदलाव उसी दिन हुआ, इसलिए एक दिन दोनों युगों का है।
Q. उल्टा कैसे बदलें?
1912 − 1867 = 45।