120 गहराई मामले — 50mm f/8 पर 5.2 m से अनंत तक साफ़
12 फ़ोकल लंबाइयों और 10 अपर्चर के हर जोड़ पर हाइपरफ़ोकल दूरी और आगे-पीछे की सीमा निकाली गई है। असल में सिर्फ़ एक तल पर ही फ़ोकस होता है; उसके आगे-पीछे जो साफ़ दिखता है वह धुंधलापन है जो अभी बिंदु से बड़ा नहीं हुआ।
हाइपरफ़ोकल दूरी का अर्थ
वहाँ फ़ोकस करें तो उस दूरी के आधे से अनंत तक सब साफ़ दिखता है। लैंडस्केप में यही सबसे ज़्यादा काम आता है और अनंत पर फ़ोकस करने से कहीं ज़्यादा अगला हिस्सा मिलता है। आधा होना अंदाज़ा नहीं, समीकरण से सीधे निकलता है।
गहराई एक तय मान पर टिकी है
लेंस सचमुच सिर्फ़ एक तल पर फ़ोकस करता है। उसके आगे-पीछे जो साफ़ लगता है, वह धुंधलापन है जो अभी उस आकार से बड़ा नहीं हुआ जिसे आँख बिंदु मान लेती है — इसे सर्कल ऑफ़ कन्फ़्यूज़न कहते हैं। यह तालिका 35 mm फ़ॉर्मैट के लिए प्रचलित 0.03 mm लेती है। बड़ा प्रिंट या स्क्रीन पर 100 % देखना मानक कड़ा कर देता है और गहराई घट जाती है।
दोनों अक्ष बराबर असर नहीं करते
अपर्चर एक स्टॉप बंद करने पर गहराई लगभग √2 गुना बढ़ती है, पर फ़ोकल लंबाई दोगुनी करने पर वह चार गुना घट जाती है। दो स्टॉप एक दोगुनेपन की भरपाई नहीं करते — इसीलिए पोर्ट्रेट का बैकग्राउंड घोलने का सबसे पक्का तरीका लंबा लेंस है, बड़ा अपर्चर नहीं।
छोटा फ़ॉर्मैट ज़्यादा गहरा दिखता है
एक ही फ़ोकल लंबाई और अपर्चर पर छोटे फ़ॉर्मैट का सर्कल ऑफ़ कन्फ़्यूज़न छोटा होता है, जिससे हाइपरफ़ोकल दूरी और दूर चली जाती है। पर असल में वही कोण पाने के लिए छोटी फ़ोकल लंबाई चुनी जाती है, और उसका असर कहीं बड़ा है, इसलिए तस्वीर गहरी बनती है।
एक नज़र में
हाइपरफ़ोकल दूरी
14 mmf/8 · 0.83 m
20 mmf/8 · 1.69 m
24 mmf/8 · 2.42 m
28 mmf/8 · 3.29 m
35 mmf/8 · 5.14 m
50 mmf/8 · 10.47 m
85 mmf/8 · 30.19 m
100 mmf/8 · 41.77 m
135 mmf/8 · 76.07 m
200 mmf/8 · 166.87 m
300 mmf/8 · 375.3 m
400 mmf/8 · 667.07 m
जानने योग्य
- हाइपरफ़ोकल दूरी पर फ़ोकस करें तो उसके आधे से अनंत तक साफ़ दिखता है।
- एक स्टॉप से गहराई √2 गुना बदलती है; फ़ोकल लंबाई वर्ग में असर करती है और भारी पड़ती है।
- ये आँकड़े 35 mm फ़ॉर्मैट और 0.03 mm सर्कल ऑफ़ कन्फ़्यूज़न मानकर हैं।
- बड़ा प्रिंट या 100 % पर देखने पर असल गहराई इससे कम निकलती है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. बैकग्राउंड सबसे ज़्यादा धुंधला करने के लिए क्या बदलूँ?
लंबा लेंस लें। अपर्चर का एक स्टॉप गहराई को लगभग √2 गुना बदलता है, जबकि फ़ोकल लंबाई वर्ग में काम करती है — 100 mm f/2.8, 50 mm f/1.8 से भी उथला है।
Q. लैंडस्केप में कहाँ फ़ोकस करूँ?
हाइपरफ़ोकल दूरी पर। तब उसके आधे से अनंत तक साफ़ दिखता है, जो अनंत पर फ़ोकस करने से लगभग दोगुना अगला हिस्सा देता है।
Q. क्या छोटे सेंसर सचमुच ज़्यादा गहराई देते हैं?
एक ही फ़ोकल लंबाई और अपर्चर पर थोड़ी कम। पर वही कोण पाने के लिए छोटी फ़ोकल लंबाई चुनी जाती है, और वह असर कहीं बड़ा है, इसलिए तस्वीर गहरी बनती है।
Q. क्या इन आँकड़ों पर सीधे भरोसा करूँ?
ये 0.03 mm सर्कल ऑफ़ कन्फ़्यूज़न पर टिके हैं। बड़ा प्रिंट या 100 % पर देखने से मानक कड़ा होता है और उपयोगी गहराई कम रह जाती है।
Q. सबसे छोटा अपर्चर सबसे शार्प होता है?
गहराई बढ़ती रहती है, पर f/16 के बाद विवर्तन से कुल रिज़ॉल्यूशन गिरता है। ज़्यादातर लेंस f/8 से f/11 के बीच सबसे साफ़ दिखते हैं।