168 गियर — 50×25 एक पैडल चक्र में 4.21 m
12 चेनरिंग और 14 स्प्रॉकेट के हर जोड़ पर गियर अनुपात और एक पैडल चक्र में तय दूरी निकाली गई है। दोनों दाँतों की संख्या अलग-अलग कुछ नहीं कहती — गियर उनके भागफल से तय होता है।
एक अनुपात सब तय करता है
चेन खिंचती नहीं, इसलिए चेनरिंग का एक चक्कर स्प्रॉकेट को दाँतों के अनुपात जितना घुमाता है और पिछला पहिया बस साथ चलता है। उस अनुपात को पहिये की परिधि से गुणा करें तो एक पैडल चक्र की दूरी मिल जाती है।
अलग दाँत, वही गियर
53×19 और 39×14 का अनुपात लगभग एक है, इसलिए दाँत बिलकुल अलग होने पर भी एक पैडल चक्र उतनी ही दूरी तय करता है। इसीलिए "कौन सा गियर" हर साइकिल पर अलग मतलब रखता है और तुलना सिर्फ़ अनुपात से होती है। हर खाने में वैसी ही लगने वाली दूसरी जोड़ियाँ भी दी हैं।
भारी गियर तेज़ नहीं होता
गति अनुपात और कैडेंस का गुणनफल है। भारी गियर धीरे दबाना और हल्का गियर तेज़ घुमाना एक ही गति देते हैं, पर टाँगें दूसरे तरीके से कहीं ज़्यादा देर चलती हैं — इसीलिए ज़्यादातर लोग वह गियर चुनते हैं जिसमें 80–90 चक्कर प्रति मिनट बना रहे।
पहिये 700×25C मानकर
गणना 2,105 mm परिधि पर है। टायर की चौड़ाई और हवा से यह कुछ मिलीमीटर बदलता है, पर गियरों की तुलना के लिए एक ही मान काफ़ी है, इसलिए इसे स्थिर रखा है। 650B या 26 इंच पर यहाँ की हर दूरी और गति उसी अनुपात में घट जाती है।
एक नज़र में
गियर अनुपात
34T×17T · 2
36T×17T · 2.118
38T×17T · 2.235
39T×17T · 2.294
40T×17T · 2.353
42T×17T · 2.471
44T×17T · 2.588
46T×17T · 2.706
48T×17T · 2.824
50T×17T · 2.941
52T×17T · 3.059
53T×17T · 3.118
जानने योग्य
- अनुपात चेनरिंग को स्प्रॉकेट से भाग देने पर मिलता है — जितना बड़ा, उतना भारी और दूर।
- एक ही अनुपात वाली दो जोड़ियाँ वही गियर हैं, दाँत चाहे जो हों।
- गति अनुपात गुणा कैडेंस है, इसलिए अकेला कोई अंक इसे तय नहीं करता।
- ये आँकड़े 700×25C (परिधि 2,105 mm) मानकर हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. गियर अनुपात कैसे निकालें?
चेनरिंग के दाँतों को स्प्रॉकेट के दाँतों से भाग दें — 50 बटा 25 यानी 2.0। इसे पहिये की परिधि से गुणा करें तो एक पैडल चक्र की दूरी मिल जाती है।
Q. "कौन सा गियर" से तुलना क्यों नहीं?
क्योंकि हर साइकिल पर उसका मतलब अलग है। एक जोड़ी दाँतों वाला तीसरा गियर दूसरी जोड़ी वाले तीसरे से बिलकुल अलग है। तुलना सिर्फ़ अनुपात से होती है।
Q. क्या भारी गियर से तेज़ चलते हैं?
अकेले नहीं। गति अनुपात गुणा कैडेंस है — भारी गियर धीरे दबाना और हल्का तेज़ घुमाना एक ही गति देते हैं, और टाँगें दूसरे को कहीं ज़्यादा देर झेलती हैं।
Q. कैडेंस कितना रखें?
लंबी राइड में 80 से 90 चक्कर प्रति मिनट। इससे कम पर भार घुटनों पर आता है, ज़्यादा पर साँस पहले फूलती है। वह गियर चुनें जो बीच में रखे।
Q. पहिया दूसरे आकार का हो तो?
दूरी और गति परिधि के अनुपात में घटती-बढ़ती हैं। अनुपात का पहिये से कोई लेना-देना नहीं — वह सिर्फ़ दाँतों से तय होता है।