मोरेटोरियम कितना ब्याज बढ़ाता है
मोरेटोरियम के दौरान मूलधन बिलकुल नहीं घटता। पूरे मूल मूलधन पर ब्याज चलता रहता है और बाद में वही मूलधन कम बची अवधि में चुकाना पड़ता है, जिससे आगे की किस्त भी बढ़ जाती है। दोनों असर साथ-साथ पड़ते हैं।
आपके अंक
ब्याज
239,852,297
मासिक किस्त (EMI)
1,549,544
अंतर
11,713,750
सूत्र
ब्याज = मूलधन × i × महीने + मासिक किस्त (EMI) × (वर्ष × 12 − महीने) − मूलधन
मोरेटोरियम बोझ को टालता है, मिटाता नहीं। यह तभी सार्थक है जब आय बढ़ना तय हो या बेचने की योजना पक्की हो।
क्या लिखना है
| इनपुट | डिफ़ॉल्ट | स्वीकार्य दायरा |
|---|---|---|
| मूलधनआपका लगाया पैसा — वही आधार जिस पर ब्याज बनता है। | 300,000,000 | 0 या ज़्यादा |
| वार्षिक दर (%)सालाना बताई गई ब्याज दर; मासिक दर इसे 12 से भाग देने पर मिलती है। | 4.2 | 0 या ज़्यादा |
| वर्ष (वर्ष)पैसा कितने साल पड़ा रहता है; यह जितना बड़ा, चक्रवृद्धि उतनी ज़्यादा काटती है। | 30 | 0 ~ 50 |
| महीने (माह)महीनों में गिनी गई अवधि; सालाना दर को इसके लिए बारह से भाग देते हैं। | 36 | 0 या ज़्यादा |
चरण दर चरण
मान के हिसाब से परिणाम
बाक़ी सब वैसा ही रखकर सिर्फ़ मूलधन बदलने पर के परिणाम।
| मूलधन | ब्याज | मासिक किस्त (EMI) | अंतर |
|---|---|---|---|
| 150,000,000 | 119,926,149 | 774,772 | 5,856,875 |
| 225,000,000 | 179,889,223 | 1,162,158 | 8,785,312 |
| 300,000,000 | 239,852,297 | 1,549,544 | 11,713,750 |
| 450,000,000 | 359,778,446 | 2,324,316 | 17,570,624 |
| 600,000,000 | 479,704,594 | 3,099,088 | 23,427,499 |
हर परिणाम का मतलब
| परिणाम | डिफ़ॉल्ट मान पर |
|---|---|
| ब्याजउस अवधि में कमाया या देना पड़ा ब्याज। | 239,852,297 |
| मासिक किस्त (EMI)हर महीने आपको जितना देना है। | 1,549,544 |
| अंतरदो मानों के बीच का फ़ासला — मात्रा, दर नहीं। | 11,713,750 |
आम ग़लतियाँ
मोरेटोरियम बोझ को टालता है, मिटाता नहीं। यह तभी सार्थक है जब आय बढ़ना तय हो या बेचने की योजना पक्की हो।
शब्दावली
- मूलधन
- आपका लगाया पैसा — वही आधार जिस पर ब्याज बनता है।
- वार्षिक दर
- सालाना बताई गई ब्याज दर; मासिक दर इसे 12 से भाग देने पर मिलती है।
- वर्ष
- पैसा कितने साल पड़ा रहता है; यह जितना बड़ा, चक्रवृद्धि उतनी ज़्यादा काटती है।
- महीने
- महीनों में गिनी गई अवधि; सालाना दर को इसके लिए बारह से भाग देते हैं।
- ब्याज
- उस अवधि में कमाया या देना पड़ा ब्याज।
- मासिक किस्त (EMI)
- हर महीने आपको जितना देना है।
- अंतर
- दो मानों के बीच का फ़ासला — मात्रा, दर नहीं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. मोरेटोरियम कितना ब्याज बढ़ाता है कैसे निकाला जाता है?
ब्याज = मूलधन × i × महीने + मासिक किस्त (EMI) × (वर्ष × 12 − महीने) − मूलधन — मोरेटोरियम के दौरान मूलधन बिलकुल नहीं घटता। पूरे मूल मूलधन पर ब्याज चलता रहता है और बाद में वही मूलधन कम बची अवधि में चुकाना पड़ता है, जिससे आगे की किस्त भी बढ़ जाती है। दोनों असर साथ-साथ पड़ते हैं।
Q. एक उदाहरण से समझाइए।
मूलधन 300,000,000, वार्षिक दर 4.2%, वर्ष 30वर्ष, महीने 36माह पर उत्तर ब्याज 239,852,297 है।
Q. क्या-क्या लिखना है?
मूलधन, वार्षिक दर, वर्ष, महीने लिखें। लिखते ही गणना दोबारा हो जाती है, और ख़ाली खाना शून्य माना जाता है।
Q. कोई अंक बदलूँ तो परिणाम कितना हिलता है?
सिर्फ़ मूलधन बदलने पर परिणाम मूलधन 150,000,000 → ब्याज 119,926,149 और मूलधन 600,000,000 → ब्याज 479,704,594 हो जाता है। नीचे की सारणी में पाँच चरण दिए हैं।
Q. अंक कहाँ तक गोल किए जाते हैं?
रक़म पूरी इकाई तक, प्रतिशत एक दशमलव तक और बाक़ी दो दशमलव तक दिखाए जाते हैं। दिखने वाला अंक गोल किया हुआ है; गणना बिना गोल किए मान से आगे बढ़ती है।
Q. किस बात का ध्यान रखें?
मोरेटोरियम बोझ को टालता है, मिटाता नहीं। यह तभी सार्थक है जब आय बढ़ना तय हो या बेचने की योजना पक्की हो।
साथ काम आने वाले कैलकुलेटर
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