ऋण का शेष मूलधन
समान मासिक किस्त में हर महीने रकम एक जैसी रहती है, पर उसके भीतर ब्याज और मूलधन का अनुपात बदलता रहता है। शुरू में लगभग पूरा हिस्सा ब्याज होता है इसलिए मूलधन मुश्किल से घटता है; बाद के वर्षों में वह तेज़ी से कटता है।
आपके अंक
शेष मूलधन
272,209,376
कुल भुगतान
88,023,091
ब्याज
60,232,467
सूत्र
शेष मूलधन = मूलधन × (1+i)^महीने − मासिक किस्त (EMI) × ((1+i)^महीने − 1) ÷ i
तीस साल के ऋण में पाँच साल चुकाने के बाद भी मूलधन आम तौर पर दसवें हिस्से से कम घटा होता है। पूर्व-भुगतान या ऋण स्थानांतरण का फ़ैसला इसी आँकड़े से शुरू होता है।
क्या लिखना है
| इनपुट | डिफ़ॉल्ट | स्वीकार्य दायरा |
|---|---|---|
| मूलधनआपका लगाया पैसा — वही आधार जिस पर ब्याज बनता है। | 300,000,000 | 0 या ज़्यादा |
| वार्षिक दर (%)सालाना बताई गई ब्याज दर; मासिक दर इसे 12 से भाग देने पर मिलती है। | 4.2 | 0 या ज़्यादा |
| वर्ष (वर्ष)पैसा कितने साल पड़ा रहता है; यह जितना बड़ा, चक्रवृद्धि उतनी ज़्यादा काटती है। | 30 | 0 ~ 50 |
| महीने (माह)महीनों में गिनी गई अवधि; सालाना दर को इसके लिए बारह से भाग देते हैं। | 60 | 0 या ज़्यादा |
चरण दर चरण
मान के हिसाब से परिणाम
बाक़ी सब वैसा ही रखकर सिर्फ़ मूलधन बदलने पर के परिणाम।
| मूलधन | शेष मूलधन | कुल भुगतान | ब्याज |
|---|---|---|---|
| 150,000,000 | 136,104,688 | 44,011,546 | 30,116,234 |
| 225,000,000 | 204,157,032 | 66,017,318 | 45,174,351 |
| 300,000,000 | 272,209,376 | 88,023,091 | 60,232,467 |
| 450,000,000 | 408,314,064 | 132,034,637 | 90,348,701 |
| 600,000,000 | 544,418,752 | 176,046,183 | 120,464,935 |
हर परिणाम का मतलब
| परिणाम | डिफ़ॉल्ट मान पर |
|---|---|
| शेष मूलधनअब तक न चुकाया गया मूलधन; इसमें ब्याज शामिल नहीं है। | 272,209,376 |
| कुल भुगतानआख़िरी किस्त तक जो सब गया — मूलधन और ब्याज। | 88,023,091 |
| ब्याजउस अवधि में कमाया या देना पड़ा ब्याज। | 60,232,467 |
आम ग़लतियाँ
तीस साल के ऋण में पाँच साल चुकाने के बाद भी मूलधन आम तौर पर दसवें हिस्से से कम घटा होता है। पूर्व-भुगतान या ऋण स्थानांतरण का फ़ैसला इसी आँकड़े से शुरू होता है।
शब्दावली
- मूलधन
- आपका लगाया पैसा — वही आधार जिस पर ब्याज बनता है।
- वार्षिक दर
- सालाना बताई गई ब्याज दर; मासिक दर इसे 12 से भाग देने पर मिलती है।
- वर्ष
- पैसा कितने साल पड़ा रहता है; यह जितना बड़ा, चक्रवृद्धि उतनी ज़्यादा काटती है।
- महीने
- महीनों में गिनी गई अवधि; सालाना दर को इसके लिए बारह से भाग देते हैं।
- शेष मूलधन
- अब तक न चुकाया गया मूलधन; इसमें ब्याज शामिल नहीं है।
- कुल भुगतान
- आख़िरी किस्त तक जो सब गया — मूलधन और ब्याज।
- ब्याज
- उस अवधि में कमाया या देना पड़ा ब्याज।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. ऋण का शेष मूलधन कैसे निकाला जाता है?
शेष मूलधन = मूलधन × (1+i)^महीने − मासिक किस्त (EMI) × ((1+i)^महीने − 1) ÷ i — समान मासिक किस्त में हर महीने रकम एक जैसी रहती है, पर उसके भीतर ब्याज और मूलधन का अनुपात बदलता रहता है। शुरू में लगभग पूरा हिस्सा ब्याज होता है इसलिए मूलधन मुश्किल से घटता है; बाद के वर्षों में वह तेज़ी से कटता है।
Q. एक उदाहरण से समझाइए।
मूलधन 300,000,000, वार्षिक दर 4.2%, वर्ष 30वर्ष, महीने 60माह पर उत्तर शेष मूलधन 272,209,376 है।
Q. क्या-क्या लिखना है?
मूलधन, वार्षिक दर, वर्ष, महीने लिखें। लिखते ही गणना दोबारा हो जाती है, और ख़ाली खाना शून्य माना जाता है।
Q. कोई अंक बदलूँ तो परिणाम कितना हिलता है?
सिर्फ़ मूलधन बदलने पर परिणाम मूलधन 150,000,000 → शेष मूलधन 136,104,688 और मूलधन 600,000,000 → शेष मूलधन 544,418,752 हो जाता है। नीचे की सारणी में पाँच चरण दिए हैं।
Q. अंक कहाँ तक गोल किए जाते हैं?
रक़म पूरी इकाई तक, प्रतिशत एक दशमलव तक और बाक़ी दो दशमलव तक दिखाए जाते हैं। दिखने वाला अंक गोल किया हुआ है; गणना बिना गोल किए मान से आगे बढ़ती है।
Q. किस बात का ध्यान रखें?
तीस साल के ऋण में पाँच साल चुकाने के बाद भी मूलधन आम तौर पर दसवें हिस्से से कम घटा होता है। पूर्व-भुगतान या ऋण स्थानांतरण का फ़ैसला इसी आँकड़े से शुरू होता है।
साथ काम आने वाले कैलकुलेटर
कर की दरें और ब्याज गिनने का तरीक़ा देश और उत्पाद के हिसाब से बदलता है — असली लेन-देन में अपना अनुबंध देखें।