चुकाने में कितने महीने

यहाँ सवाल उल्टा है: किस्त तय है तो कितना समय लगेगा? जब किस्त एक महीने के ब्याज से थोड़ी ही ऊपर हो, अवधि बहुत लंबी खिंच जाती है — क्योंकि बकाया मूलधन लगभग हिलता ही नहीं।

आपके अंक

महीने

11माह

ब्याज

307,322

कुल भुगतान

3,307,322

सूत्र

महीने = −ln(1 − मूलधन × i ÷ मासिक किस्त (EMI)) ÷ ln(1 + i)

क्रेडिट कार्ड की रिवॉल्विंग सुविधा बकाया का एक प्रतिशत लेती है, जिससे किस्त भी घटती जाती है और समय इससे कहीं ज़्यादा लगता है। यहाँ हर महीने एक ही रकम मानी गई है।

क्या लिखना है

इनपुटडिफ़ॉल्टस्वीकार्य दायरा
मूलधनआपका लगाया पैसा — वही आधार जिस पर ब्याज बनता है।3,000,0000 या ज़्यादा
वार्षिक दर (%)सालाना बताई गई ब्याज दर; मासिक दर इसे 12 से भाग देने पर मिलती है।19.90 या ज़्यादा
मासिक किस्त (EMI)हर महीने आपको जितना देना है।300,0000 या ज़्यादा

चरण दर चरण

सूत्रमहीने = −ln(1 − मूलधन × i ÷ मासिक किस्त (EMI)) ÷ ln(1 + i)
डिफ़ॉल्ट मान रखने परमहीने = −ln(1 − 3,000,000 × i ÷ 300,000) ÷ ln(1 + i)
उत्तरमहीने = 11 माह

मान के हिसाब से परिणाम

बाक़ी सब वैसा ही रखकर सिर्फ़ मूलधन बदलने पर के परिणाम।

मूलधनमहीने (माह)ब्याजकुल भुगतान
1,500,0005.378,8021,578,802
2,250,0008.1172,5942,422,594
3,000,00011307,3223,307,322
4,500,00017.4716,9585,216,958
6,000,00024.51,350,1577,350,157

हर परिणाम का मतलब

परिणामडिफ़ॉल्ट मान पर
महीने (माह)महीनों में गिनी गई अवधि; सालाना दर को इसके लिए बारह से भाग देते हैं।11
ब्याजउस अवधि में कमाया या देना पड़ा ब्याज।307,322
कुल भुगतानआख़िरी किस्त तक जो सब गया — मूलधन और ब्याज।3,307,322

आम ग़लतियाँ

क्रेडिट कार्ड की रिवॉल्विंग सुविधा बकाया का एक प्रतिशत लेती है, जिससे किस्त भी घटती जाती है और समय इससे कहीं ज़्यादा लगता है। यहाँ हर महीने एक ही रकम मानी गई है।

शब्दावली

मूलधन
आपका लगाया पैसा — वही आधार जिस पर ब्याज बनता है।
वार्षिक दर
सालाना बताई गई ब्याज दर; मासिक दर इसे 12 से भाग देने पर मिलती है।
मासिक किस्त (EMI)
हर महीने आपको जितना देना है।
महीने
महीनों में गिनी गई अवधि; सालाना दर को इसके लिए बारह से भाग देते हैं।
ब्याज
उस अवधि में कमाया या देना पड़ा ब्याज।
कुल भुगतान
आख़िरी किस्त तक जो सब गया — मूलधन और ब्याज।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. चुकाने में कितने महीने कैसे निकाला जाता है?

महीने = −ln(1 − मूलधन × i ÷ मासिक किस्त (EMI)) ÷ ln(1 + i) — यहाँ सवाल उल्टा है: किस्त तय है तो कितना समय लगेगा? जब किस्त एक महीने के ब्याज से थोड़ी ही ऊपर हो, अवधि बहुत लंबी खिंच जाती है — क्योंकि बकाया मूलधन लगभग हिलता ही नहीं।

Q. एक उदाहरण से समझाइए।

मूलधन 3,000,000, वार्षिक दर 19.9%, मासिक किस्त (EMI) 300,000 पर उत्तर महीने 11माह है।

Q. क्या-क्या लिखना है?

मूलधन, वार्षिक दर, मासिक किस्त (EMI) लिखें। लिखते ही गणना दोबारा हो जाती है, और ख़ाली खाना शून्य माना जाता है।

Q. कोई अंक बदलूँ तो परिणाम कितना हिलता है?

सिर्फ़ मूलधन बदलने पर परिणाम मूलधन 1,500,000 → महीने (माह) 5.3 और मूलधन 6,000,000 → महीने (माह) 24.5 हो जाता है। नीचे की सारणी में पाँच चरण दिए हैं।

Q. अंक कहाँ तक गोल किए जाते हैं?

रक़म पूरी इकाई तक, प्रतिशत एक दशमलव तक और बाक़ी दो दशमलव तक दिखाए जाते हैं। दिखने वाला अंक गोल किया हुआ है; गणना बिना गोल किए मान से आगे बढ़ती है।

Q. किस बात का ध्यान रखें?

क्रेडिट कार्ड की रिवॉल्विंग सुविधा बकाया का एक प्रतिशत लेती है, जिससे किस्त भी घटती जाती है और समय इससे कहीं ज़्यादा लगता है। यहाँ हर महीने एक ही रकम मानी गई है।

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