दीर्घकालिक गुर्दा रोग चरण

eGFR आँकता है कि गुर्दे हर मिनट कितना रक्त छानते हैं, शरीर के आकार के अनुसार समायोजित करके। 90 से ऊपर G1 और 60–89 G2 है; 60 से नीचे का मान तीन महीने से अधिक बना रहे तो उसे दीर्घकालिक गुर्दा रोग कहा जाता है।

आपके अंक

परिणाम

2

शेष

72%

इसका मतलब

eGFR 60 या अधिक होने पर कार्यक्षमता बनी हुई है; मूत्र में प्रोटीन न हो तो नियमित जाँच पर्याप्त है।

सूत्र

परिणाम = stage(eGFR) → G1 … G5

G1 और G2 तभी रोग माने जाते हैं जब मूत्र में प्रोटीन जैसे गुर्दा क्षति के अन्य प्रमाण भी हों। अकेला आँकड़ा फ़ैसला नहीं करता।

क्या लिखना है

इनपुटडिफ़ॉल्टस्वीकार्य दायरा
eGFR720 ~ 150

चरण दर चरण

सूत्रपरिणाम = stage(eGFR) → G1 … G5
डिफ़ॉल्ट मान रखने परपरिणाम = stage(72) → G1 … G5
उत्तरपरिणाम = 2

मान के हिसाब से परिणाम

बाक़ी सब वैसा ही रखकर सिर्फ़ eGFR बदलने पर के परिणाम।

eGFRपरिणामशेष (%)
36336
54354
72272
1081100
1441100

हर परिणाम का मतलब

परिणामडिफ़ॉल्ट मान पर
परिणामसूत्र जो लौटाता है — यही जवाब इस पन्ने का मक़सद है।2
शेष (%)72

आम ग़लतियाँ

G1 और G2 तभी रोग माने जाते हैं जब मूत्र में प्रोटीन जैसे गुर्दा क्षति के अन्य प्रमाण भी हों। अकेला आँकड़ा फ़ैसला नहीं करता।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. दीर्घकालिक गुर्दा रोग चरण कैसे निकाला जाता है?

परिणाम = stage(eGFR) → G1 … G5 — eGFR आँकता है कि गुर्दे हर मिनट कितना रक्त छानते हैं, शरीर के आकार के अनुसार समायोजित करके। 90 से ऊपर G1 और 60–89 G2 है; 60 से नीचे का मान तीन महीने से अधिक बना रहे तो उसे दीर्घकालिक गुर्दा रोग कहा जाता है।

Q. एक उदाहरण से समझाइए।

eGFR 72 पर उत्तर परिणाम 2 है।

Q. क्या-क्या लिखना है?

eGFR लिखें। लिखते ही गणना दोबारा हो जाती है, और ख़ाली खाना शून्य माना जाता है।

Q. कोई अंक बदलूँ तो परिणाम कितना हिलता है?

सिर्फ़ eGFR बदलने पर परिणाम eGFR 36 → परिणाम 3 और eGFR 144 → परिणाम 1 हो जाता है। नीचे की सारणी में पाँच चरण दिए हैं।

Q. अंक कहाँ तक गोल किए जाते हैं?

रक़म पूरी इकाई तक, प्रतिशत एक दशमलव तक और बाक़ी दो दशमलव तक दिखाए जाते हैं। दिखने वाला अंक गोल किया हुआ है; गणना बिना गोल किए मान से आगे बढ़ती है।

Q. किस बात का ध्यान रखें?

G1 और G2 तभी रोग माने जाते हैं जब मूत्र में प्रोटीन जैसे गुर्दा क्षति के अन्य प्रमाण भी हों। अकेला आँकड़ा फ़ैसला नहीं करता।

साथ काम आने वाले कैलकुलेटर

ये कैलकुलेटर सेहत के आँकड़े समझने में मदद करते हैं; ये निदान या दवा की जगह नहीं लेते। लक्षण हों तो डॉक्टर को दिखाएँ।