फ़िलामेंट लंबाई·ABS 3kg
ABS 3kg
1199.3 m
1.75 mm
घनत्व 1.04 g/cm³

ABS 3kg फ़िलामेंट — 1.75 mm पर 1199.3 m

ABS 3kg (घनत्व 1.04 g/cm³) में 1.75 mm पर 1199.3 m और 2.85 mm पर 452.2 m लिपटे हैं। 1 m का वज़न 2.501 g है, इसलिए 10 g से 4 m निकलते हैं।

स्पूल पर मीटर

2.85 mm के तार की काट 1.75 mm से 2.65 गुना है, इसलिए वही वज़न उतना ही छोटा लिपटता है। व्यास को धुरी बनाने से खाने ही बढ़ते, सवाल वही रहता — इसलिए हर खाने में दोनों साथ दिखते हैं। कौन सा चाहिए यह प्रिंटर तय करता है: आज 1.75 mm व्यावहारिक मानक है और 2.85 mm बोडेन शैली की मशीनों में बचा है।

  • 1.75 mm · 2.501 g/m1199.3 m
  • 2.85 mm · 6.635 g/m452.2 m
सामग्री
ABS
शुद्ध वज़न
3kg
घनत्व
1.04 g/cm³
1 m का वज़न
2.501 g
10 g की लंबाई
4 m
आयतन
2884.62 cm³

पास के खाने

वही सामग्री, दूसरे स्पूल

वही वज़न, दूसरी सामग्री

जानने योग्य

  • लंबाई = स्पूल का वज़न ÷ 1 m का वज़न, और 1 m का वज़न = काट × घनत्व।
  • वज़न बराबर हो तो ज़्यादा घनी सामग्री उतनी ही छोटी लिपटती है।
  • 2.85 mm की काट 1.75 mm से 2.65 गुना है, इसलिए उसी वज़न में उतना छोटा।
  • यहाँ के वज़न शुद्ध फ़िलामेंट के हैं — खाली स्पूल शामिल नहीं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. ABS 3kg कितने मीटर है?

1.75 mm पर 1199.3 m और 2.85 mm पर 452.2 m। 1.04 g/cm³ पर 1 m का वज़न क्रमशः 2.501 g और 6.635 g है।

Q. क्या बचे वज़न से बची लंबाई निकलती है?

हाँ। 1.75 mm में हर 10 g पर 4 m — खाली स्पूल घटाने के बाद बचे ग्राम से गुणा करें। 100 g बचा हो तो क़रीब 40 m।

Q. क्या 2.85 mm में लंबाई वही रहती है?

नहीं। काट 2.65 गुना बड़ी है, 1 m का वज़न 6.635 g हो जाता है और वही 3kg घटकर 452.2 m रह जाता है।