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प्लाईवुड की कितनी शीट

प्लाईवुड पूरी शीट में बिकता है, और कमरे कभी एक शीट के गुणकों में नहीं आते। 24 वर्ग मीटर पर 10% बर्बादी जोड़कर 26.4 वर्ग मीटर; 1220 × 2440 की शीट (2.977 वर्ग मीटर) से भाग देने पर 8.9, यानी 9 शीट। नौ शीट 26.8 वर्ग मीटर हैं, इसलिए 2.8 वर्ग मीटर बच जाता है — और वही बचत इस बात का असली नाप है कि तय नाप की शीट किसी बेढब कमरे को कम ही ठीक-ठीक बाँटती है। दूसरे नाप डालकर देखें तो वह बचत घटती हुई दिखेगी।

आपके अंक

ज़रूरी शीट

9टुकड़े

बाक़ी

2.79मी²

क्षेत्रफल

2.977मी²

सूत्र

ज़रूरी शीट = ⌈क्षेत्रफल × (1 + बर्बादी की गुंजाइश ÷ 100) ÷ (शीट की चौड़ाई (mm) ÷ 1000 × शीट की लंबाई (mm) ÷ 1000)⌉

गिनती सही होने पर भी टुकड़े बैठ जाएँ, यह ज़रूरी नहीं; पहले कटाई का नक़्शा बनाएँ और तय करें कि लंबा किनारा किस दिशा में जाएगा। ढाँचे के काम में जोड़ बल्लियों के ऊपर पड़ने चाहिए, जिससे बर्बादी 10% पार कर जाती है।

क्या लिखना है

इनपुटडिफ़ॉल्टस्वीकार्य दायरा
क्षेत्रफल (मी²)कोई आकृति जितनी जगह ढकती है — लंबाई का वर्ग।240 या ज़्यादा
शीट की चौड़ाई (mm)एक शीट की छोटी भुजा — यही तय करती है कि जोड़ कितनी-कितनी दूर पड़ेंगे।1,2200 या ज़्यादा
शीट की लंबाई (mm)एक शीट की लंबी भुजा, आमतौर पर छत की ऊँचाई से मिलाकर चुनी जाती है।2,4400 या ज़्यादा
बर्बादी की गुंजाइश (%)टूट-फूट और कटान के लिए जितना ज़्यादा ख़रीदा जाता है।100 ~ 50

चरण दर चरण

सूत्रज़रूरी शीट = ⌈क्षेत्रफल × (1 + बर्बादी की गुंजाइश ÷ 100) ÷ (शीट की चौड़ाई (mm) ÷ 1000 × शीट की लंबाई (mm) ÷ 1000)⌉
डिफ़ॉल्ट मान रखने परज़रूरी शीट = ⌈24 × (1 + 10 ÷ 100) ÷ (1,220 ÷ 1000 × 2,440 ÷ 1000)⌉
उत्तरज़रूरी शीट = 9 टुकड़े

मान के हिसाब से परिणाम

बाक़ी सब वैसा ही रखकर सिर्फ़ क्षेत्रफल (मी²) बदलने पर के परिणाम।

क्षेत्रफल (मी²)ज़रूरी शीट (टुकड़े)बाक़ी (मी²)क्षेत्रफल (मी²)
1252.882.977
1872.842.977
2492.792.977
36145.682.977
48185.582.977

हर परिणाम का मतलब

परिणामडिफ़ॉल्ट मान पर
ज़रूरी शीट (टुकड़े)ख़रीदने वाली शीट; वे दुकान पर काटकर नहीं दी जातीं, इसलिए ऊपर की ओर पूर्णांक।9
बाक़ी (मी²)अभी कितना बाक़ी है; शून्य यानी लक्ष्य पूरा।2.79
क्षेत्रफल (मी²)कोई आकृति जितनी जगह ढकती है — लंबाई का वर्ग।2.977

आम ग़लतियाँ

गिनती सही होने पर भी टुकड़े बैठ जाएँ, यह ज़रूरी नहीं; पहले कटाई का नक़्शा बनाएँ और तय करें कि लंबा किनारा किस दिशा में जाएगा। ढाँचे के काम में जोड़ बल्लियों के ऊपर पड़ने चाहिए, जिससे बर्बादी 10% पार कर जाती है।

शब्दावली

क्षेत्रफल
कोई आकृति जितनी जगह ढकती है — लंबाई का वर्ग।
शीट की चौड़ाई (mm)
एक शीट की छोटी भुजा — यही तय करती है कि जोड़ कितनी-कितनी दूर पड़ेंगे।
शीट की लंबाई (mm)
एक शीट की लंबी भुजा, आमतौर पर छत की ऊँचाई से मिलाकर चुनी जाती है।
बर्बादी की गुंजाइश
टूट-फूट और कटान के लिए जितना ज़्यादा ख़रीदा जाता है।
ज़रूरी शीट
ख़रीदने वाली शीट; वे दुकान पर काटकर नहीं दी जातीं, इसलिए ऊपर की ओर पूर्णांक।
बाक़ी
अभी कितना बाक़ी है; शून्य यानी लक्ष्य पूरा।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. प्लाईवुड की कितनी शीट कैसे निकाला जाता है?

ज़रूरी शीट = ⌈क्षेत्रफल × (1 + बर्बादी की गुंजाइश ÷ 100) ÷ (शीट की चौड़ाई (mm) ÷ 1000 × शीट की लंबाई (mm) ÷ 1000)⌉ — प्लाईवुड पूरी शीट में बिकता है, और कमरे कभी एक शीट के गुणकों में नहीं आते। 24 वर्ग मीटर पर 10% बर्बादी जोड़कर 26.4 वर्ग मीटर; 1220 × 2440 की शीट (2.977 वर्ग मीटर) से भाग देने पर 8.9, यानी 9 शीट। नौ शीट 26.8 वर्ग मीटर हैं, इसलिए 2.8 वर्ग मीटर बच जाता है — और वही बचत इस बात का असली नाप है कि तय नाप की शीट किसी बेढब कमरे को कम ही ठीक-ठीक बाँटती है। दूसरे नाप डालकर देखें तो वह बचत घटती हुई दिखेगी।

Q. एक उदाहरण से समझाइए।

क्षेत्रफल 24मी², शीट की चौड़ाई (mm) 1,220, शीट की लंबाई (mm) 2,440, बर्बादी की गुंजाइश 10% पर उत्तर ज़रूरी शीट 9टुकड़े है।

Q. क्या-क्या लिखना है?

क्षेत्रफल, शीट की चौड़ाई (mm), शीट की लंबाई (mm), बर्बादी की गुंजाइश लिखें। लिखते ही गणना दोबारा हो जाती है, और ख़ाली खाना शून्य माना जाता है।

Q. कोई अंक बदलूँ तो परिणाम कितना हिलता है?

सिर्फ़ क्षेत्रफल (मी²) बदलने पर परिणाम क्षेत्रफल (मी²) 12 → ज़रूरी शीट (टुकड़े) 5 और क्षेत्रफल (मी²) 48 → ज़रूरी शीट (टुकड़े) 18 हो जाता है। नीचे की सारणी में पाँच चरण दिए हैं।

Q. अंक कहाँ तक गोल किए जाते हैं?

रक़म पूरी इकाई तक, प्रतिशत एक दशमलव तक और बाक़ी दो दशमलव तक दिखाए जाते हैं। दिखने वाला अंक गोल किया हुआ है; गणना बिना गोल किए मान से आगे बढ़ती है।

Q. किस बात का ध्यान रखें?

गिनती सही होने पर भी टुकड़े बैठ जाएँ, यह ज़रूरी नहीं; पहले कटाई का नक़्शा बनाएँ और तय करें कि लंबा किनारा किस दिशा में जाएगा। ढाँचे के काम में जोड़ बल्लियों के ऊपर पड़ने चाहिए, जिससे बर्बादी 10% पार कर जाती है।

साथ काम आने वाले कैलकुलेटर

सभी खानों में लंबाई की इकाई एक जैसी रखें — सेंटीमीटर और मीटर मिला देने पर नतीजा बहुत दूर चला जाता है।