40 का नियम कैलकुलेटर
दोनों अंक सीधे जोड़ दें। 35% वृद्धि और 8% मार्जिन मिलकर 43 बनते हैं, यानी 40 की रेखा से तीन अंक ऊपर। उलटा पढ़ें तो 35% वृद्धि पर रेखा पर बैठने के लिए मार्जिन 5% चाहिए — तेज़ बढ़ते हुए पतला मुनाफ़ा चलता है, और वृद्धि रुकते ही उसकी भरपाई मार्जिन से करनी पड़ती है। 40 का अंक वेंचर उद्योग का अनुमान है, जिसे 2015 में ब्रैड फ़ेल्ड की एक ब्लॉग पोस्ट ने फैलाया।
आपके अंक
वृद्धि + मार्जिन
43%
प्रतिशत अंक
3%
ज़रूरी मार्जिन
5%
इसका मतलब
35% वृद्धि और 8% मार्जिन मिलकर 43% बनते हैं — 40 की रेखा से 3 अंक ऊपर।
सूत्र
वृद्धि + मार्जिन = सालाना बिक्री वृद्धि + मार्जिन
पहले देखें कि दोनों अंक एक ही गज़ से नापे गए हैं या नहीं। दूसरी जगह EBITDA मार्जिन, परिचालन मार्जिन या फ़्री कैश फ़्लो मार्जिन — इनमें से जो भी रखें, जोड़ दस अंक या उससे ज़्यादा हिल जाता है। वृद्धि में भी साल-दर-साल दर और हाल की तिमाही को वार्षिक बनाने में बड़ा फ़र्क़ है। छोटी बिक्री पर वृद्धि दर आसानी से फूलती है, जिससे यह जोड़ उदार दिखता है।
क्या लिखना है
| इनपुट | डिफ़ॉल्ट | स्वीकार्य दायरा |
|---|---|---|
| सालाना बिक्री वृद्धि (%)पिछले साल के मुक़ाबले बिक्री की बढ़त; एक तिमाही को सालाना बनाकर देखा गया आँकड़ा इससे बहुत अलग निकलता है। | 35 | कोई सीमा नहीं |
| मार्जिन (%)मुनाफ़े को बिक्री मूल्य से भाग देकर। यह कभी 100% से ऊपर नहीं जाता। | 8 | कोई सीमा नहीं |
| मानक रेखा (%)जिस रेखा से तुलना कर रहे हैं; बहुत उद्धृत 40 वेंचर वालों का अंदाज़ा है, नियम नहीं। | 40 | 1 ~ 100 |
चरण दर चरण
मान के हिसाब से परिणाम
बाक़ी सब वैसा ही रखकर सिर्फ़ सालाना बिक्री वृद्धि (%) बदलने पर के परिणाम।
| सालाना बिक्री वृद्धि (%) | वृद्धि + मार्जिन (%) | प्रतिशत अंक (%) | ज़रूरी मार्जिन (%) |
|---|---|---|---|
| 17.5 | 25.5 | -14.5 | 22.5 |
| 26.3 | 34.3 | -5.7 | 13.7 |
| 35 | 43 | 3 | 5 |
| 52.5 | 60.5 | 20.5 | -12.5 |
| 70 | 78 | 38 | -30 |
हर परिणाम का मतलब
| परिणाम | डिफ़ॉल्ट मान पर |
|---|---|
| वृद्धि + मार्जिन (%)वृद्धि और मार्जिन को सीधे जोड़कर; देख लें कि दोनों एक ही पैमाने पर नापे गए हैं। | 43 |
| प्रतिशत अंक (%)दो प्रतिशतों का फ़ासला, प्रतिशत में नहीं बल्कि अंकों में पढ़ा हुआ। | 3 |
| ज़रूरी मार्जिन (%)उस वृद्धि पर रेखा तक पहुँचने के लिए जितना मार्जिन चाहिए। | 5 |
आम ग़लतियाँ
पहले देखें कि दोनों अंक एक ही गज़ से नापे गए हैं या नहीं। दूसरी जगह EBITDA मार्जिन, परिचालन मार्जिन या फ़्री कैश फ़्लो मार्जिन — इनमें से जो भी रखें, जोड़ दस अंक या उससे ज़्यादा हिल जाता है। वृद्धि में भी साल-दर-साल दर और हाल की तिमाही को वार्षिक बनाने में बड़ा फ़र्क़ है। छोटी बिक्री पर वृद्धि दर आसानी से फूलती है, जिससे यह जोड़ उदार दिखता है।
शब्दावली
- सालाना बिक्री वृद्धि
- पिछले साल के मुक़ाबले बिक्री की बढ़त; एक तिमाही को सालाना बनाकर देखा गया आँकड़ा इससे बहुत अलग निकलता है।
- मार्जिन
- मुनाफ़े को बिक्री मूल्य से भाग देकर। यह कभी 100% से ऊपर नहीं जाता।
- मानक रेखा
- जिस रेखा से तुलना कर रहे हैं; बहुत उद्धृत 40 वेंचर वालों का अंदाज़ा है, नियम नहीं।
- वृद्धि + मार्जिन
- वृद्धि और मार्जिन को सीधे जोड़कर; देख लें कि दोनों एक ही पैमाने पर नापे गए हैं।
- प्रतिशत अंक
- दो प्रतिशतों का फ़ासला, प्रतिशत में नहीं बल्कि अंकों में पढ़ा हुआ।
- ज़रूरी मार्जिन
- उस वृद्धि पर रेखा तक पहुँचने के लिए जितना मार्जिन चाहिए।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. 40 का नियम कैलकुलेटर कैसे निकाला जाता है?
वृद्धि + मार्जिन = सालाना बिक्री वृद्धि + मार्जिन — दोनों अंक सीधे जोड़ दें। 35% वृद्धि और 8% मार्जिन मिलकर 43 बनते हैं, यानी 40 की रेखा से तीन अंक ऊपर। उलटा पढ़ें तो 35% वृद्धि पर रेखा पर बैठने के लिए मार्जिन 5% चाहिए — तेज़ बढ़ते हुए पतला मुनाफ़ा चलता है, और वृद्धि रुकते ही उसकी भरपाई मार्जिन से करनी पड़ती है। 40 का अंक वेंचर उद्योग का अनुमान है, जिसे 2015 में ब्रैड फ़ेल्ड की एक ब्लॉग पोस्ट ने फैलाया।
Q. एक उदाहरण से समझाइए।
सालाना बिक्री वृद्धि 35%, मार्जिन 8%, मानक रेखा 40% पर उत्तर वृद्धि + मार्जिन 43% है।
Q. क्या-क्या लिखना है?
सालाना बिक्री वृद्धि, मार्जिन, मानक रेखा लिखें। लिखते ही गणना दोबारा हो जाती है, और ख़ाली खाना शून्य माना जाता है।
Q. कोई अंक बदलूँ तो परिणाम कितना हिलता है?
सिर्फ़ सालाना बिक्री वृद्धि (%) बदलने पर परिणाम सालाना बिक्री वृद्धि (%) 17.5 → वृद्धि + मार्जिन (%) 25.5 और सालाना बिक्री वृद्धि (%) 70 → वृद्धि + मार्जिन (%) 78 हो जाता है। नीचे की सारणी में पाँच चरण दिए हैं।
Q. अंक कहाँ तक गोल किए जाते हैं?
रक़म पूरी इकाई तक, प्रतिशत एक दशमलव तक और बाक़ी दो दशमलव तक दिखाए जाते हैं। दिखने वाला अंक गोल किया हुआ है; गणना बिना गोल किए मान से आगे बढ़ती है।
Q. किस बात का ध्यान रखें?
पहले देखें कि दोनों अंक एक ही गज़ से नापे गए हैं या नहीं। दूसरी जगह EBITDA मार्जिन, परिचालन मार्जिन या फ़्री कैश फ़्लो मार्जिन — इनमें से जो भी रखें, जोड़ दस अंक या उससे ज़्यादा हिल जाता है। वृद्धि में भी साल-दर-साल दर और हाल की तिमाही को वार्षिक बनाने में बड़ा फ़र्क़ है। छोटी बिक्री पर वृद्धि दर आसानी से फूलती है, जिससे यह जोड़ उदार दिखता है।
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